चेन्नई: चेन्नई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इंडिगो एयरलाइंस की एक उड़ान में भारी अव्यवस्था देखने को मिली, जिसके कारण 200 से अधिक यात्रियों को लगभग पांच घंटे तक कड़े मानसिक और शारीरिक तनाव से गुजरना पड़ा। विमान के भीतर एयर कंडीशनिंग (AC) और अन्य सुविधाओं के अभाव में यात्रियों का धैर्य जवाब दे गया, जिसके बाद केबिन क्रू और ग्राउंड स्टाफ के साथ तीखी नोकझोंक हुई। यह घटना उस समय हुई जब उड़ान के निर्धारित समय के बावजूद विमान रनवे पर खड़ा रहा और यात्रियों को नीचे उतरने की अनुमति नहीं दी गई।
घटना का विवरण: रनवे पर घंटों का इंतजार
यात्रियों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, यह समस्या तकनीकी खराबी के कारण उत्पन्न हुई:
- निर्धारित समय से देरी: विमान को सुबह अपने गंतव्य के लिए उड़ान भरनी थी, लेकिन बोर्डिंग पूरी होने के बाद पायलट ने घोषणा की कि तकनीकी जांच के कारण उड़ान में कुछ देरी होगी।
- बंद रहा एसी: विमान के अंदर मौजूद यात्रियों ने आरोप लगाया कि इंजन बंद होने के कारण एयर कंडीशनिंग काम नहीं कर रहा था, जिससे उमस और गर्मी के कारण बुजुर्गों और बच्चों की हालत बिगड़ने लगी।
- सूचना का अभाव: यात्रियों का कहना है कि इंडिगो के स्टाफ ने उन्हें देरी के सही कारणों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
यात्रियों का आक्रोश और हंगामे की स्थिति
जैसे-जैसे समय बीतता गया, विमान के भीतर यात्रियों का गुस्सा बढ़ता गया:
- क्रू के साथ बहस: पांच घंटे तक भूखे-प्यासे विमान में बैठे रहने के बाद यात्रियों ने गेट खोलने की मांग शुरू कर दी। इस दौरान क्रू मेंबर्स और यात्रियों के बीच काफी देर तक बहस हुई।
- सोशल मीडिया पर लाइव: कई यात्रियों ने विमान के अंदर की वीडियो रिकॉर्डिंग की और सोशल मीडिया पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) को टैग करते हुए इंडिगो की खराब सर्विस की शिकायत की।
- स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं: कुछ यात्रियों ने सफोकेशन (दम घुटने) की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें पानी और प्राथमिक उपचार देने की कोशिश की गई।
इंडिगो एयरलाइंस का स्पष्टीकरण
मामला बढ़ने के बाद एयरलाइंस ने एक आधिकारिक बयान जारी कर खेद प्रकट किया:
- तकनीकी खराबी: एयरलाइंस ने पुष्टि की कि उड़ान 6E श्रृंखला के इस विमान में अंतिम समय पर एक तकनीकी खामी का पता चला था, जिसे सुरक्षा कारणों से ठीक करना अनिवार्य था।
- सुरक्षा प्राथमिकता: प्रवक्ता ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता था, इसलिए विमान को उड़ान भरने से रोका गया।
- रिफंड और वैकल्पिक व्यवस्था: कंपनी ने दावा किया कि प्रभावित यात्रियों को नाश्ता उपलब्ध कराया गया और बाद में उन्हें दूसरे विमान से गंतव्य की ओर रवाना किया गया।





