Thursday, February 5, 2026

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चुनावी शंखनाद से पहले ममता सरकार का ‘पिटारा’: आज पेश होगा अंतरिम बजट; महिला कल्याण और ग्रामीण विकास पर केंद्रित रह सकती हैं घोषणाएं

कोलकाता: आगामी लोकसभा चुनावों की आहट के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार आज विधानसभा में अंतरिम बजट (वोट ऑन अकाउंट) पेश करने जा रही है। राजनीतिक गलियारों में इस बजट को ‘चुनावी मास्टरस्ट्रोक’ के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि राज्य की वित्त मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चंद्रिमा भट्टाचार्य इस बजट के जरिए समाज के हर वर्ग, विशेषकर महिलाओं, युवाओं और किसानों को साधने की कोशिश करेंगी। बजट का मुख्य उद्देश्य न केवल राज्य की विकास दर को गति देना है, बल्कि ‘लोक-कल्याणकारी’ योजनाओं के जरिए अपनी राजनीतिक पकड़ को और मजबूत करना भी है।

बजट के संभावित ‘हॉटस्पॉट’: किन क्षेत्रों पर रहेगी नजर?

सूत्रों के अनुसार, ममता सरकार इस बजट में कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं कर सकती है:

  • महिला सशक्तिकरण (लक्ष्मी भंडार का विस्तार): बंगाल की लोकप्रिय ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता में बढ़ोतरी या इसके दायरे को बढ़ाने का ऐलान संभव है।
  • सामाजिक सुरक्षा योजनाएं: वृद्धावस्था पेंशन और विधवा पेंशन जैसी योजनाओं के लिए बजट आवंटन बढ़ाया जा सकता है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार के प्रति विश्वास बढ़े।
  • MSME और स्वरोजगार: छोटे उद्योगों के लिए विशेष ऋण योजनाओं और युवाओं के लिए नए कौशल प्रशिक्षण केंद्रों की घोषणा होने की उम्मीद है।

चुनौतियां और वित्तीय प्रबंधन

बजट पेश करते समय सरकार के सामने कुछ आर्थिक चुनौतियां भी होंगी:

  1. केंद्र बनाम राज्य विवाद: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार केंद्र सरकार पर ‘मनरेगा’ (MGNREGA) और ‘आवास योजना’ का फंड रोकने का आरोप लगाती रही हैं। बजट भाषण में इस मुद्दे पर कड़ा रुख देखने को मिल सकता है।
  2. कर्ज का बोझ: पश्चिम बंगाल पर बढ़ते कर्ज के बीच वित्तीय घाटे (Fiscal Deficit) को नियंत्रित करते हुए लोक-लुभावन घोषणाएं करना वित्त मंत्री के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
  3. बुनियादी ढांचा: कोलकाता सहित राज्य के अन्य जिलों में सड़क, जल निकासी और शहरी विकास की परियोजनाओं के लिए विशेष फंड का प्रावधान किया जा सकता है।

विपक्ष की रणनीति: भाजपा की घेराबंदी

बजट सत्र के दौरान विपक्ष (BJP) ने भी सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार केवल चुनाव जीतने के लिए खैरात बांटने का काम कर रही है, जबकि राज्य में औद्योगिक निवेश और रोजगार के स्थायी अवसर कम हो रहे हैं। सदन में आज जोरदार हंगामे के आसार हैं क्योंकि विपक्ष राज्य की वित्तीय स्थिति पर ‘श्वेत पत्र’ (White Paper) की मांग कर सकता है।

निष्कर्ष: चुनावों के लिए ‘लॉन्चपैड’

यह बजट केवल वित्तीय वर्ष के कुछ महीनों का खर्च चलाने का जरिया नहीं है, बल्कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए चुनावों से पहले जनता के बीच जाने का एक ‘लॉन्चपैड’ भी है। यदि बजट में किसानों और महिलाओं के लिए बड़े ऐलान होते हैं, तो यह सीधे तौर पर चुनावी विमर्श को प्रभावित करेगा।

“हमारा बजट हमेशा जनता के लिए होता है। केंद्र की बाधाओं के बावजूद हम बंगाल के विकास को रुकने नहीं देंगे। आज का बजट राज्य की प्रगति और आम आदमी की खुशहाली का दस्तावेज होगा।” — वित्त विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी

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