बीजिंग। चीन के राष्ट्रपति और केंद्रीय सैन्य आयोग (CMC) के अध्यक्ष शी चिनफिंग ने सेना में व्यापक फेरबदल करते हुए भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के आरोपों में 101 सैन्य अधिकारियों को हटाने के बाद अपने दो भरोसेमंद अधिकारियों झांग शुगुआंग और वांग गैंग को जनरल के पद पर पदोन्नत कर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम सेना पर केंद्रीय नेतृत्व की पकड़ और राजनीतिक निष्ठा को और मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।
झांग शुगुआंग को केंद्रीय सैन्य आयोग के अनुशासन निरीक्षण आयोग का प्रमुख बनाया गया है, जो सेना में भ्रष्टाचार की जांच करने वाली सबसे महत्वपूर्ण संस्था है। वहीं, वांग गैंग को चीनी वायुसेना का कमांडर नियुक्त किया गया है। दोनों अधिकारियों को सक्रिय सेवा में सर्वोच्च सैन्य रैंक ‘जनरल’ प्रदान की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि शी चिनफिंग की यह रणनीति पूर्व चीनी नेता माओ त्से तुंग के उस मॉडल से मेल खाती है, जिसमें सेना पर पूर्ण राजनीतिक नियंत्रण, नेतृत्व के प्रति अटूट निष्ठा और विरोधी गुटों पर सख्त कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाती थी। पिछले कुछ वर्षों में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को हटाया जा चुका है, जिससे सेना के शीर्ष नेतृत्व में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, हालिया कार्रवाई के बाद पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के शीर्ष नेतृत्व का पुनर्गठन तेजी से किया जा रहा है। माना जा रहा है कि शी चिनफिंग ऐसे अधिकारियों को आगे बढ़ा रहे हैं जिनकी निष्ठा सीधे कम्युनिस्ट पार्टी और उनके नेतृत्व के प्रति है। यह कदम चीन की सैन्य आधुनिकीकरण योजना के साथ-साथ ताइवान और दक्षिण चीन सागर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर भी देखा जा रहा है।




