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चीन और ताइवान के बीच तनाव

चीन और ताइवान के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है। बीजिंग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। एक बार फिर चीनी सेना ने ताइवान की सीमा में घुसपैठ की कोशिश की। हालांकि, ताइवान की सेना ने भी इसका जवाब दिया। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि चीन के 13 विमान, पांच नौसेनिक जहाज और चार तटरक्षक जहाज ताइवान की सीमा के करीब देखे गए।  ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय (MND) ने बताया कि मंगलवार सुबह छह बजे से बुधवार छह बजे तक ताइवान के आसपास चीनी सैन्य विमान और नौसैनिक जहाजों को देखा गया। इतना ही नहीं 13 चीनी विमानों में से तीन ने ताइवान जलडमरूमध्य की मध्य रेखा को पार किया। इसके अलावा, एक ने दक्षिण–पश्चिम में देश के वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (एडीआईजेड) के अंदर घुसने की कोशिश की। बता दें चीन और ताइवान के बीच यह जल संधि एक अनौपचारिक सीमा है। वहीं यहां एक चीनी ड्रोन भी देखा गया। इसके जवाब में ताइवान ने चीन की गतिविधि की निगरानी के लिए विमान, नौसैनिक जहाजों और वायु रक्षा मिसाइल प्रणालियों को तैनात किया। अब तक चीन ने सीधे ताइवान पर आक्रमण नहीं किया है, लेकिन वो ये सब कुछ ग्रे जोन में करता है। ये चीन की सेना का एक पैंतरा है, जिससे वो सीधे युद्ध तो नहीं करती लेकिन ये शक्ति प्रदर्शन करती है। ग्रे जोन का मतलब है कि कोई देश सीधा हमला नहीं करता है लेकिन इस तरह का डर हमेशा बनाए रखता है। सीधे सैन्य कार्रवाई की जगह, ऐसी कई चीजें होती रहती हैं, जिनसे हमले का डर बना रहता है। ताइवान के साथ चीन यही कर रहा है। चीन सितंबर 2020 से ‘ग्रे जोन‘ रणनीति का अधिक बार उपयोग कर रहा है। ग्रे जोन युद्ध रणनीति दरअसल, एक तरीका है, जिससे लंबी अवधि में धीरे–धीरे प्रतिद्वंद्वी को कमजोर कर दिया जाता है और चीन ताइवान के साथ ठीक यही करने की कोशिश कर रहा है। 

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