देहरादून: उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब केवल तीर्थयात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि यात्रा मार्ग पर घूमने आने वाले सामान्य पर्यटकों के वाहनों के लिए भी ‘ग्रीन कार्ड’ (Green Card) बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऋषिकेश से आगे पहाड़ी मार्गों पर जाने वाले सभी व्यावसायिक और व्यक्तिगत वाहनों को इस प्रक्रिया से गुजरना होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य यात्रा मार्ग पर वाहनों के दबाव को नियंत्रित करना और दुर्घटनाओं पर लगाम लगाना है।
क्या है ‘ग्रीन कार्ड’ और क्यों है जरूरी?
ग्रीन कार्ड एक प्रकार का सुरक्षा प्रमाणपत्र है जो यह सुनिश्चित करता है कि वाहन और उसका चालक दोनों पहाड़ी रास्तों के लिए फिट हैं:
- वाहन की फिटनेस: इसमें वाहन के ब्रेक, टायर, इंजन की स्थिति और प्रदूषण मानकों की गहन जांच की जाती है।
- चालक की दक्षता: ग्रीन कार्ड जारी करने से पहले यह देखा जाता है कि चालक के पास पहाड़ी रास्तों पर वाहन चलाने का पर्याप्त अनुभव और वैध लाइसेंस है या नहीं।
- सुरक्षा मानक: यात्रा के दौरान किसी भी तकनीकी खराबी के कारण होने वाले हादसों को रोकने के लिए इसे अनिवार्य बनाया गया है।
ग्रीन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया (Process)
पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए परिवहन विभाग ने इस प्रक्रिया को सरल और डिजिटल बनाया है:
- ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन: वाहन स्वामी परिवहन विभाग के आधिकारिक पोर्टल ‘स्मार्ट कार्ड ऑनलाइन’ पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
- दस्तावेजों की जांच: आवेदन के साथ वाहन का आरसी (RC), बीमा (Insurance), फिटनेस सर्टिफिकेट और चालक का ड्राइविंग लाइसेंस अपलोड करना होगा।
- भौतिक सत्यापन (Physical Verification): ऋषिकेश, हरिद्वार और देहरादून में स्थापित विशेष चेक पोस्ट पर वाहन का भौतिक निरीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद ‘ग्रीन कार्ड’ जारी होगा।
- ट्रिप कार्ड (Trip Card): ग्रीन कार्ड मिलने के बाद प्रत्येक यात्रा के लिए एक ‘ट्रिप कार्ड’ जनरेट करना होगा, जिसमें यात्रियों की संख्या और गंतव्य की जानकारी होगी।
सैर-सपाटे वाले पर्यटकों के लिए नई व्यवस्था
अब तक ग्रीन कार्ड मुख्य रूप से चारधाम जाने वाले व्यावसायिक वाहनों (टैक्सी-मैक्सी) के लिए जरूरी होता था, लेकिन अब नियम बदल गए हैं:
- पर्यटकों पर लागू: मसूरी, धनोल्टी, चकराता या बदरी-केदार मार्ग पर किसी भी हिल स्टेशन जाने वाले पर्यटकों को अब यह कार्ड दिखाना होगा।
- निजी वाहन भी दायरे में: बाहरी राज्यों से आने वाले निजी वाहनों (Private Cars) को भी यात्रा चेक पोस्ट पर अपना पंजीकरण और वाहन फिटनेस सुनिश्चित करनी होगी।
परिवहन विभाग की तैयारी: ‘नो कार्ड, नो एंट्री’
परिवहन सचिव ने सख्त निर्देश दिए हैं कि बिना वैध ग्रीन कार्ड के किसी भी वाहन को ऋषिकेश से आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी:
- सघन चेकिंग: यात्रा शुरू होते ही ब्रह्मपुरी और व्यासी जैसे एंट्री पॉइंट्स पर ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों और मैन्युअल चेकिंग के जरिए निगरानी रखी जाएगी।
- जुर्माने का प्रावधान: नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन स्वामियों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और वाहन को सीज भी किया जा सकता है।





