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चारधाम यात्रा के लिए भारी उत्साह: अब तक 9.36 लाख श्रद्धालुओं ने कराया रजिस्ट्रेशन, केदारनाथ के लिए सबसे ज्यादा क्रेज

देहरादून/ऋषिकेश (27 मार्च, 2026): उत्तराखंड की आगामी चारधाम यात्रा 2026 के लिए देश-दुनिया के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। 6 मार्च से शुरू हुई ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया के मात्र तीन सप्ताह के भीतर पंजीकरण का आंकड़ा 9.36 लाख (9,36,961) के पार पहुंच गया है। चारधाम यात्रा प्रशासन के अनुसार, यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक है, जो इस बार यात्रा के नए रिकॉर्ड बनाने की ओर संकेत कर रही है।

धामवार पंजीकरण के आंकड़े

चारधाम यात्रा प्रशासन द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, श्रद्धालुओं की पहली पसंद एक बार फिर बाबा केदार की नगरी बनी है:

  • केदारनाथ धाम: 3,14,299 रजिस्ट्रेशन
  • बदरीनाथ धाम: 2,76,710 रजिस्ट्रेशन
  • गंगोत्री धाम: 1,72,979 रजिस्ट्रेशन
  • यमुनोत्री धाम: 1,68,881 रजिस्ट्रेशन
  • हेमकुंड साहिब: 4,092 रजिस्ट्रेशन

यात्रा की महत्वपूर्ण तिथियां

इस वर्ष चारधाम यात्रा का आगाज 19 अप्रैल, 2026 को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर होगा।

  • 19 अप्रैल: गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे।
  • 22 अप्रैल: बाबा केदारनाथ के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।
  • 23 अप्रैल: भगवान बदरीनाथ के कपाट खुलने के साथ ही चारों धामों की यात्रा पूरी तरह शुरू हो जाएगी।

पंजीकरण की व्यवस्थाएं

पर्यटन विभाग ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पंजीकरण के कई विकल्प दिए हैं। वर्तमान में वेबसाइट, मोबाइल ऐप ‘Tourist Care Uttarakhand’ और व्हाट्सएप (नंबर: 8394833833) के जरिए ऑनलाइन पंजीकरण किए जा रहे हैं।

  • ऑफलाइन पंजीकरण: जो श्रद्धालु ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कर पा रहे हैं, उनके लिए 17 अप्रैल से ऋषिकेश और हरिद्वार में ऑफलाइन काउंटर शुरू किए जाएंगे।
  • स्वास्थ्य सुविधाएं: यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 90 से अधिक चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि आपातकालीन स्थिति में त्वरित उपचार मिल सके।
    श्रद्धालुओं के लिए सलाह: बिना पंजीकरण के किसी भी यात्री को धामों में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। भीड़ से बचने और सुगम दर्शन के लिए समय रहते अपना स्लॉट बुक करना अनिवार्य है।

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