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चारधाम में चार्टर्ड हेली सेवा 10 नवंबर तक बंद, बदरीनाथ में फंसे 50 से अधिक यात्रियों को सड़क मार्ग से भेजा

गोपेश्वर। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के अंतिम चरण में चार्टर्ड हेलीकॉप्टर सेवाएं बंद होने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने चारधाम क्षेत्र में चार्टर्ड हेली सेवाओं का संचालन 10 नवंबर तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। इसका असर बदरीनाथ धाम पहुंचे 50 से अधिक यात्रियों पर पड़ा, जिन्हें हेलीकॉप्टर सेवा नहीं मिलने के कारण सड़क मार्ग से वापस भेजना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, रविवार को हेलीकॉप्टर से बदरीनाथ धाम पहुंचे यात्री सोमवार सुबह वापसी के लिए हेलीपैड पर इंतजार करते रहे। काफी देर तक हेलीकॉप्टर नहीं पहुंचने पर उन्हें सेवा बंद होने की जानकारी मिली। इससे यात्रियों में नाराजगी देखने को मिली। बाद में हेली कंपनियों के कर्मचारियों की मदद से सभी यात्रियों को वाहनों के जरिए वापस भेजने की व्यवस्था की गई।

दो पायलट की अनिवार्यता पर विवाद

दरअसल, 30 अक्टूबर को बदरीनाथ धाम से देहरादून लौट रहा एक हेलीकॉप्टर जोशीमठ के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में पायलट समेत छह लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने चारधाम क्षेत्र में संचालित सिंगल इंजन चार्टर्ड हेलीकॉप्टरों में दो पायलट रखना अनिवार्य कर दिया।

हेली कंपनियों ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि दो पायलट रखने से परिचालन खर्च बढ़ जाएगा और मौजूदा किराये पर सेवाएं जारी रखना आर्थिक रूप से संभव नहीं होगा। इसी विरोध में कंपनियों ने दो नवंबर से चार्टर्ड उड़ानें बंद कर दीं और पहले से की गई बुकिंग भी निरस्त कर दी।

नियमित केदारनाथ हेली सेवा जारी

यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन के अनुसार, कंपनियों ने अपनी मौजूदा बुकिंग निरस्त करने की सूचना प्राधिकरण को दे दी है। यात्रियों को हुई असुविधा को देखते हुए उन्हें सड़क मार्ग से वापस भेजने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, केदारनाथ घाटी के शेरसी, फाटा और गुप्तकाशी से संचालित होने वाली नियमित शटल हेली सेवाएं जारी हैं।

चारधाम यात्रा के समापन से पहले हेली सेवा बंद होने से श्रद्धालुओं की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुई हैं। अब सभी की नजरें डीजीसीए, यूकाडा और हेली कंपनियों के बीच होने वाली बातचीत पर टिकी हैं।

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