Top 5 This Week

Related Posts

चमोली में जमकर बरसा ‘सफेद सोना’: औली में उमड़ा सैलानियों का सैलाब, बर्फबारी से खिले किसानों के चेहरे

चमोली/गोपेश्वर (17 मार्च, 2026): सीमांत जनपद चमोली में लंबे इंतजार के बाद हुई ताजा बर्फबारी ने पूरे क्षेत्र को चांदी जैसी सफेद चादर से ढक दिया है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों के साथ-साथ प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र औली में सोमवार रात से जारी हिमपात ने न केवल पर्यटकों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी है, बल्कि स्थानीय किसानों और बागवानों के लिए भी यह किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है। मौसम के इस बदलते मिजाज ने जिले की पर्यटन अर्थव्यवस्था को एक नई संजीवनी प्रदान की है।

औली में पर्यटन का ‘पीक सीजन’ लौटा

बर्फबारी की खबर फैलते ही पर्यटन नगरी औली में सैलानियों की भारी भीड़ जुटने लगी है:

  • सफेद मखमली नजारा: औली की ढलानों पर जमी बर्फ की मोटी तह को देख पर्यटक बेहद उत्साहित हैं। स्कीइंग और स्नोबोर्डिंग के शौकीनों के लिए परिस्थितियां अब बिल्कुल अनुकूल हो गई हैं।
  • होटल और होमस्टे पैक: बर्फबारी के बाद जोशीमठ और औली के होटलों में ऑक्यूपेंसी (Occupancy) 90% से ऊपर पहुंच गई है। पर्यटन व्यवसायी इस बदलाव से काफी खुश हैं, क्योंकि पिछले कुछ समय से कम बर्फबारी के कारण काम मंदा चल रहा था।
  • सैलानियों की मस्ती: देश-विदेश से आए सैलानी बर्फ के बीच तस्वीरें खींचते और स्नो-फाइट का आनंद लेते नजर आ रहे हैं।

बागवानों और किसानों के लिए ‘अमृत’ है यह बर्फ

यह बर्फबारी केवल पर्यटन ही नहीं, बल्कि कृषि के नजरिए से भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है:

  1. सेब की फसल को संजीवनी: चमोली के निचले और मध्यवर्ती क्षेत्रों में सेब के बागवान इस बर्फबारी का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। सेब के पेड़ों के लिए ‘चिलिंग आवर्स’ (Chilling Hours) पूरा करने में यह बर्फ काफी मददगार साबित होगी, जिससे फसल की गुणवत्ता और पैदावार बढ़ेगी।
  2. नमी का भंडार: बर्फबारी से खेतों में लंबे समय तक नमी बनी रहेगी, जो रबी की फसलों और नई पौध के लिए खाद का काम करेगी।
  3. सिंचाई संकट का समाधान: पहाड़ों में जमने वाली यह बर्फ गर्मियों के महीनों में जलधाराओं और प्राकृतिक स्रोतों को पुनर्जीवित करने में सहायक होती है।

प्रशासन की चेतावनी और व्यवस्थाएं

भारी बर्फबारी को देखते हुए जिला प्रशासन चमोली ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं:

  • सड़कें साफ करने का काम जारी: जोशीमठ-औली मार्ग पर जमी बर्फ को हटाने के लिए मशीनों को तैनात किया गया है, ताकि यातायात बाधित न हो।
  • सुरक्षा निर्देश: पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) ने पर्यटकों को फिसलन वाले रास्तों पर सावधानी बरतने और रात के समय यात्रा न करने की सलाह दी है।
  • बिजली और पानी की आपूर्ति: ऊंचाई वाले गांवों में बर्फबारी के कारण बिजली लाइनों में आए फॉल्ट को ठीक करने के लिए विभाग की टीमें मुस्तैद हैं।

Popular Articles