उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार देर रात आए भूकंप के झटकों ने लोगों में दहशत फैला दी। अचानक धरती हिलने से ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर कस्बाई हिस्सों तक अफरा–तफरी मच गई। झटके महसूस होते ही लोग तत्काल अपने घरों से बाहर निकल आए और खुली जगहों में जाकर रुके। हालांकि राहत की बात यह रही कि अभी तक किसी तरह के नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन लोगों में भय का माहौल देर रात तक बना रहा।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, भूकंप के झटके कुछ सेकंड तक महसूस किए गए, जिसके दौरान घरों के दरवाजे–खिड़कियां जोर से हिलने लगीं। अचानक कंपन होने के कारण कई लोग नींद से जाग पड़े और बिना किसी देरी के बाहर की ओर दौड़ पड़े। कई इलाकों में लोग अपने परिवार, बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सड़कों, आंगनों और खुले स्थानों में जमा होते दिखाई दिए। महिलाओं और बच्चों में खासतौर पर अधिक घबराहट देखी गई।
भूकंप के झटकों की जानकारी मिलते ही प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट हो गया। जिलाधिकारी कार्यालय से टीमों को तुरंत संवेदनशील इलाकों में भेजा गया, जहां स्थानीय स्तर पर स्थिति का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि भूकंप की तीव्रता और केंद्र बिंदु की जानकारी प्राप्त करने के लिए संबंधित एजेंसियों से संपर्क किया गया है। प्रशासन ने कहा कि यदि कहीं भी दरार, ढहने या किसी अन्य खतरे की स्थिति सामने आती है, तो तुरंत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
भूकंप के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अपने अनुभव साझा किए और कई जगहों से वीडियो सामने आए, जिनमें लोग अचानक कंपन महसूस होते ही घरों से बाहर निकलते दिखाई दे रहे हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, किसी भी असामान्य संरचनात्मक बदलाव या खतरे की स्थिति दिखने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।
विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तराखंड भूकंप की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील जोन में आता है, जिसके कारण यहां समय–समय पर हल्के से मध्यम झटके महसूस होते रहते हैं। इसलिए लोगों को सावधानी बरतने, सुरक्षा उपायों को समझने और आपदा के समय कैसे प्रतिक्रिया देनी है, इसकी जानकारी होना बेहद जरूरी है। स्थानीय प्रशासन ने भी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता, इसलिए सतर्कता में ही सुरक्षा है।





