चंपावत। उत्तराखंड सरकार ने चंपावत जिले में पर्यटन विकास को गति देने के उद्देश्य से जिम कॉर्बेट ट्रेल परियोजना शुरू करने का निर्णय लिया है। सरकार ने प्रथम चरण में परियोजना के लिए चार करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस परियोजना के तहत उन क्षेत्रों को पर्यटन ट्रेल के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां प्रसिद्ध शिकारी और संरक्षणवादी जिम कॉर्बेट ने अपने अभियान संचालित किए थे।
वन विभाग के अनुसार, यह ट्रेल वर्ष 1907 से 1938 के बीच जिम कॉर्बेट द्वारा किए गए अभियानों से जुड़े स्थलों को जोड़ते हुए विकसित की जाएगी। इन ट्रेल के माध्यम से पर्यटकों को क्षेत्र के प्राकृतिक सौंदर्य, वन्यजीवन और ऐतिहासिक घटनाओं से परिचित कराया जाएगा।
परियोजना का उद्देश्य केवल पर्यटन को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के अवसर भी पैदा करना है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ट्रेल का संचालन स्थानीय समुदाय के सहयोग से किया जाएगा। इसके तहत स्थानीय युवाओं को गाइड के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा और ग्रामीण क्षेत्रों में होम-स्टे को बढ़ावा दिया जाएगा।
मुख्य वन संरक्षक (इको टूरिज्म) पीके पात्रो के अनुसार, परियोजना के लिए चंपावत के डीएफओ को चार करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत ट्रेल के साथ-साथ आधारभूत सुविधाएं, सूचना केंद्र और पर्यटक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि जिम कॉर्बेट ट्रेल परियोजना से चंपावत जिले को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ राज्य में इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।
हालांकि, पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि परियोजना के दौरान पर्यावरणीय संतुलन और वन्यजीव संरक्षण को प्राथमिकता देना आवश्यक होगा। सरकार ने आश्वासन दिया है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखा जाएगा।





