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घरेलू गैस बुकिंग के नियमों में बड़ा बदलाव: दो सिलेंडर वाले उपभोक्ताओं को अब 35 दिन बाद मिलेगी रिफिल; युद्ध के चलते बढ़ी पाबंदी

देहरादून/नई दिल्ली (25 मार्च, 2026): पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक स्तर पर रसोई गैस की आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में आए व्यवधान का सीधा असर अब भारतीय उपभोक्ताओं की रसोई पर पड़ने लगा है। तेल कंपनियों ने घरेलू एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। नए नियमों के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं के पास डबल सिलेंडर (DBC) कनेक्शन है, उन्हें अब अगले सिलेंडर की बुकिंग के लिए 35 दिन का लंबा इंतजार करना होगा। इससे पहले यह अवधि 25 दिन निर्धारित थी। सरकार और तेल कंपनियों का यह फैसला गैस की बढ़ती किल्लत को नियंत्रित करने और स्टॉक के उचित प्रबंधन के लिए लिया गया है।

नया नियम: एक और दो सिलेंडर वाले उपभोक्ताओं के लिए अलग मानक

गैस रिफिलिंग की नई समय-सीमा को श्रेणियों के आधार पर विभाजित किया गया है:

  • दो सिलेंडर वाले उपभोक्ता (DBC): ऐसे परिवार जिनके पास एक कनेक्शन पर दो सिलेंडर उपलब्ध हैं, वे अब पिछले सिलेंडर की डिलीवरी के 35 दिन बाद ही अगली बुकिंग करा सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि इनके पास बैकअप मौजूद है, इसलिए इन्हें लंबी प्रतीक्षा सूची में रखा गया है।
  • एक सिलेंडर वाले उपभोक्ता (SBC): जिन उपभोक्ताओं के पास केवल एक ही सिलेंडर है, उनके लिए नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्हें राहत देते हुए पूर्व की भांति 25 दिन बाद बुकिंग करने की सुविधा जारी रहेगी।

आपूर्ति संकट: 21 से 25 और अब 35 दिन का सफर

गैस संकट की गंभीरता को इस बात से समझा जा सकता है कि पिछले कुछ समय में बुकिंग की अवधि में लगातार बढ़ोतरी हुई है:

  1. युद्ध का प्रभाव: पश्चिम एशिया में ईरान-इजराइल संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से होने वाली गैस की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।
  2. क्रमिक वृद्धि: आपूर्ति बाधित होने के कारण पहले बुकिंग की सामान्य अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन की गई थी। अब स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण होने के कारण इसे बढ़ाकर 35 दिन करना पड़ा है।
  3. राशनिंग की तैयारी: इस कदम को गैस की ‘राशनिंग’ के तौर पर देखा जा रहा है ताकि उपलब्धता और मांग के बीच संतुलन बनाया जा सके और किसी भी तरह की कालाबाजारी पर रोक लग सके।

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