Monday, February 2, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

ग्लोबल इकोनॉमी में भारत का डंका: 2026 की GDP ग्रोथ में अमेरिका को पछाड़ा; एलन मस्क बोले— ‘बदल रहा है वैश्विक शक्ति संतुलन’, वित्त मंत्री ने बताया ‘मोदीनॉमिक्स’ की जीत

नई दिल्ली/न्यूयॉर्क: साल 2026 की शुरुआत भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आई है। ताजा वैश्विक आर्थिक आंकड़ों के अनुसार, भारत ने जीडीपी (GDP) ग्रोथ रेट के मामले में संयुक्त राज्य अमेरिका समेत कई विकसित देशों को पीछे छोड़ दिया है। इस बड़ी उपलब्धि पर दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति और टेक दिग्गज एलन मस्क ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि दुनिया का ‘पावर बैलेंस’ (शक्ति संतुलन) अब तेजी से बदल रहा है। इस गौरवपूर्ण क्षण पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बयान देते हुए इसे प्रधानमंत्री मोदी की आर्थिक नीतियों और देश के 140 करोड़ लोगों के परिश्रम का परिणाम बताया है।

ग्रोथ का गणित: भारत बनाम दुनिया

अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की विकास दर ने दुनिया को चौंका दिया है:

  • भारत की रफ्तार: वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की अनुमानित जीडीपी विकास दर 7.5% से 8% के बीच रही है।
  • अमेरिका की स्थिति: इसके विपरीत, उच्च मुद्रास्फीति और ब्याज दरों के कारण अमेरिका की विकास दर 2% से 2.5% के आसपास सिमट गई है।
  • मुख्य कारक: डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में क्रांति, रिकॉर्ड जीएसटी (GST) कलेक्शन और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आई तेजी ने भारत को इस मुकाम पर पहुंचाया है।

एलन मस्क की भविष्यवाणी: “भारत भविष्य का नेतृत्व करेगा”

एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए भारत की सराहना की:

  1. पावर बैलेंस में बदलाव: मस्क ने लिखा, “आंकड़े झूठ नहीं बोलते। भारत की प्रगति असाधारण है। वैश्विक शक्ति संतुलन अब पश्चिम से पूर्व की ओर खिसक रहा है।”
  2. निवेश का आकर्षण: मस्क ने यह भी संकेत दिया कि भारत की उच्च विकास दर उसे दुनिया का सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य (Investment Destination) बनाती है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का संसद में बयान

विपक्ष के सवालों और वैश्विक चर्चाओं के बीच वित्त मंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय सरकार की दूरदर्शी नीतियों को दिया:

  • ‘मोदीनॉमिक्स’ की सफलता: सीतारमण ने कहा, “यह केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि ‘मोदीनॉमिक्स’ की सफलता का प्रमाण है। हमने केवल संकटों का सामना ही नहीं किया, बल्कि आपदा को अवसर में बदला है।”
  • आत्मनिर्भर भारत: उन्होंने जोर देकर कहा कि पीएलआई (PLI) स्कीम और गति शक्ति योजना ने देश के लॉजिस्टिक्स और उद्योगों को नई मजबूती दी है।
  • विकसित भारत @2047: वित्त मंत्री ने दोहराया कि भारत अब 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर नहीं, बल्कि उससे कहीं आगे ‘विकसित भारत’ के सपने की ओर मजबूती से बढ़ रहा है।

विशेषज्ञों का विश्लेषण: क्यों दौड़ रहा है भारत?

आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, भारत की इस सफलता के पीछे तीन प्रमुख स्तंभ हैं:

  1. घरेलू मांग: भारत की विशाल युवा आबादी और बढ़ती क्रय शक्ति (Purchasing Power) ने घरेलू बाजार को मजबूत बनाए रखा है।
  2. सप्लाई चेन: चीन से बाहर निकल रही वैश्विक कंपनियों के लिए भारत अब पहली पसंद बन गया है।
  3. सरकारी निवेश: रेलवे, हाईवे और हवाई अड्डों के निर्माण पर सरकार द्वारा किया गया भारी पूंजीगत व्यय (Capex) अब परिणाम दे रहा है।

“भारत अब दुनिया की अर्थव्यवस्था का इंजन बन चुका है। जब दुनिया मंदी की आशंका से जूझ रही है, तब भारत का विकास दर में अमेरिका को पीछे छोड़ना यह बताता है कि आने वाला दशक भारत का है।” — वरिष्ठ आर्थिक विश्लेषक

Popular Articles