देहरादून (25 मार्च, 2026): उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी (LPG) रसोई गैस सिलेंडरों के लिए लंबे समय से जारी इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। जिला प्रशासन ने गांवों में रहने वाले उपभोक्ताओं को एक बड़ी राहत देते हुए दूसरी गैस बुकिंग की समय-सीमा में ऐतिहासिक कटौती की है। अब ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता पिछले सिलेंडर की डिलीवरी के 45 दिन के बजाय महज 25 दिन बाद ही दूसरे सिलेंडर के लिए बुकिंग करा सकेंगे। जिलाधिकारी सविन बंसल के इस निर्णय से प्रदेश के हजारों ग्रामीण परिवारों को बड़ी सहूलियत होगी, जिन्हें पहले घरेलू जरूरतों के बावजूद लंबी बाध्यता के कारण खाली सिलेंडरों के साथ इंतजार करना पड़ता था।
नया नियम: गांवों में भी अब शहरों जैसी सुविधा, 20 दिन की बचत
जिलाधिकारी ने ग्रामीण इलाकों में गैस आपूर्ति व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए यह महत्वपूर्ण बदलाव किया है:
- बाध्यता खत्म: गांवों में दूरी और सीमित आपूर्ति का हवाला देकर उपभोक्ताओं को दूसरे सिलेंडर के लिए कम से कम 45 दिन रुकने पर मजबूर किया जाता था। इस नियम को अब तत्काल प्रभाव से शिथिल कर दिया गया है।
- समय में कटौती: नई व्यवस्था के लागू होने से ग्रामीण उपभोक्ता अब 20 दिन पहले ही दूसरा सिलेंडर बुक करा सकेंगे, जिससे उन्हें घरेलू ईंधन की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
- समानता: यह कदम ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच गैस आपूर्ति की सुविधाओं में समानता लाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
कालाबाजारी पर लगाम: क्षेत्रवार क्यूआरटी टीमें सक्रिय
प्रशासन ने केवल नियम ही नहीं बदले हैं, बल्कि आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को पारदर्शी बनाने के लिए भी कड़े कदम उठाए हैं:
- क्यूआरटी का गठन: गैस की कालाबाजारी रोकने और प्रत्येक उपभोक्ता तक शत-प्रतिशत होम डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने क्षेत्रवार ‘क्विक रिस्पांस टीम’ (QRT) को सक्रिय कर दिया है।
- सघन निरीक्षण: मंगलवार को इन टीमों ने जिले की विभिन्न गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने एजेंसियों के मांग, मौजूदा स्टॉक, आपूर्ति और डिलीवरी व्यवस्था की बारीकी से जांच की।
- कड़ी कार्रवाई की चेतावनी: जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई गैस एजेंसी आपूर्ति में कोताही बरतती है या कालाबाजारी में संलिप्त पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।





