नई दिल्ली/देहरादून।
मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुप्ता बंधुओं पर शिकंजा कसा है। दिल्ली से पहुँची ईडी की टीम ने देहरादून में छापेमारी की, लेकिन दोनों भाइयों में से केवल एक से ही पूछताछ कर सकी। दूसरा भाई अस्पताल में भर्ती पाया गया। लगभग 24 घंटे की कार्रवाई के बाद ईडी की टीम दिल्ली लौट गई।
देहरादून और हैदराबाद में छापेमारी
मंगलवार को ईडी ने गुप्ता बंधुओं और उनके सहयोगियों के कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं रही, बल्कि हैदराबाद में भी एजेंसी ने उनके कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों पर तलाशी ली। देहरादून में स्थित उनके निवास पर ईडी अधिकारी कई घंटों तक मौजूद रहे। इस दौरान संदिग्ध लेनदेन से संबंधित दस्तावेज और अन्य अहम रिकॉर्ड कब्जे में लिए गए।
आधिकारिक बयान नहीं
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने केवल एक भाई से पूछताछ की है जबकि दूसरा अस्पताल में भर्ती है। हालांकि, एजेंसी ने अब तक इस पूरी कार्रवाई पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। माना जा रहा है कि ईडी जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच करने के बाद आगे की रणनीति तय करेगी।
दक्षिण अफ्रीका सरकार के आग्रह पर कार्रवाई
गुप्ता बंधुओं के खिलाफ यह कार्रवाई दक्षिण अफ्रीकी सरकार की गुजारिश पर की गई है। उल्लेखनीय है कि गुप्ता परिवार की कई कंपनियाँ लंबे समय से जांच के दायरे में हैं। दक्षिण अफ्रीका में भी गुप्ता परिवार सत्ता से करीबी संबंधों और वित्तीय घोटालों को लेकर चर्चा में रहा है।
विवादों से पुराना नाता
भारत में भी गुप्ता बंधु विवादों से अछूते नहीं रहे। पिछले वर्ष दिल्ली में हुए साहनी बिल्डर आत्महत्या मामले में भी उनका नाम सामने आया था। इसके अलावा उन पर शेल कंपनियों के माध्यम से संदिग्ध लेनदेन करने के आरोप लग चुके हैं। लगातार कई वर्षों से केंद्रीय एजेंसियाँ उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
बैंक खातों और संपत्तियों की जांच
सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने कार्रवाई के दौरान गुप्ता बंधुओं के बैंक खातों और संपत्तियों से जुड़े कई दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। माना जा रहा है कि इन दस्तावेजों की जांच से कई नए राज खुल सकते हैं और उनके खिलाफ सबूत मजबूत हो सकते हैं।
आने वाले दिनों में मुश्किलें बढ़ सकती हैं
गुप्ता बंधुओं के खिलाफ ईडी की यह कार्रवाई भविष्य में उनके लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी कर सकती है। वित्तीय अपराधों और संदिग्ध लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने के बाद एजेंसी उनसे और गहन पूछताछ कर सकती है।





