तल अवीव। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के विशेष दूत और रक्षा मामलों के वरिष्ठ सलाहकार वेंबलर ने अपने हालिया इस्राइल दौरे के दौरान स्पष्ट किया कि अमेरिका गाजा पट्टी में किसी भी तरह के सैन्य हस्तक्षेप के लिए अपने सैनिकों को नहीं भेजेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी भूमिका केवल सैन्य सहायता, खुफिया सहयोग और रणनीतिक परामर्श तक सीमित रहेगी, जबकि जमीन पर कार्रवाई पूरी तरह से इस्राइली सेना की जिम्मेदारी होगी।
वेंबलर ने इस दौरान यह भी बताया कि अमेरिका इस्राइल को हवाई हमलों, मिसाइल डिफेंस और अन्य आधुनिक हथियारों के जरिए सहायता प्रदान करता रहेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी समर्थन का उद्देश्य इस्राइल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, न कि सीधे गाजा में युद्ध संचालन में भाग लेना।
इस्राइल और गाजा के बीच जारी हालिया संघर्ष ने क्षेत्रीय स्थिरता को झकझोर दिया है। संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने नागरिकों की सुरक्षा और ह्यूमनिटेरियन मदद की आवश्यकता पर जोर दिया है। इस बीच, वेंबलर ने इस्राइल की स्व-रक्षा क्षमता और सुरक्षा रणनीतियों का समर्थन करते हुए कहा कि अमेरिका गाजा में केवल सुरक्षा और मानवीय सहायता की निगरानी करेगा।
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी दूत का यह बयान क्षेत्र में राजनीतिक संतुलन बनाए रखने का प्रयास है। गाजा में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती पर विवादित स्थितियां उत्पन्न हो सकती थीं, लेकिन वेंबलर ने यह स्पष्ट कर दिया कि अमेरिका सैन्य विकल्प के बजाय कूटनीतिक और रणनीतिक समर्थन पर केंद्रित रहेगा।
अमेरिका ने इस्राइल को इस्राइल-गाजा संघर्ष के दौरान 21 अरब डॉलर की सैन्य मदद दी है, जिसमें टॉमहॉक मिसाइलें, वायु रक्षा उपकरण और प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं। वेंबलर ने इस मदद को क्षेत्र में सुरक्षा संतुलन और रक्षा तैयारी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक बताया।
अमेरिका और इस्राइल दोनों ने कहा है कि वे संघर्ष के तीव्रता को कम करने और ह्यूमनिटेरियन राहत पहुंचाने के लिए लगातार संपर्क में रहेंगे। वेंबलर ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका मध्यस्थता और कूटनीतिक दबाव के जरिए स्थायी शांति स्थापित करने की कोशिश करता रहेगा, जबकि गाजा में कार्रवाई पूरी तरह से इस्राइल की जिम्मेदारी रहेगी।





