Saturday, February 14, 2026

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खालिस्तानी आतंकियों की हत्या की साजिश का आरोप: कौन है निखिल गुप्ता? अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आया भारतीय नागरिक

नई दिल्ली/न्यूयॉर्क: पिछले कुछ समय से भारत, अमेरिका और कनाडा के बीच कूटनीतिक हलचल की एक बड़ी वजह निखिल गुप्ता नाम का व्यक्ति बना हुआ है। अमेरिका के न्याय विभाग (DoJ) ने निखिल गुप्ता पर न्यूयॉर्क में एक सिख अलगाववादी नेता (गुरपतवंत सिंह पन्नू) की हत्या की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले ने न केवल अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान खींचा है, बल्कि भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों के बीच एक पेचीदा स्थिति पैदा कर दी है।

कौन है निखिल गुप्ता? पृष्ठभूमि और प्रोफाइल

निखिल गुप्ता के बारे में उपलब्ध जानकारी उनके एक साधारण व्यवसायी से अंतरराष्ट्रीय कानूनी विवाद का केंद्र बनने की कहानी बयां करती है:

  • भारतीय नागरिकता: 53 वर्षीय निखिल गुप्ता एक भारतीय नागरिक हैं, जिनका संबंध मुख्य रूप से दिल्ली और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों से बताया जाता है।
  • व्यावसायिक पृष्ठभूमि: अमेरिकी दस्तावेजों के अनुसार, गुप्ता कथित तौर पर नशीली दवाओं और हथियारों की तस्करी जैसे अवैध व्यापार में शामिल रहे हैं, हालांकि उनके परिवार और वकीलों ने इन दावों को हमेशा खारिज किया है।
  • गिरफ्तारी की कहानी: गुप्ता को जून 2023 में चेक गणराज्य (Prague) में उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब वे एक यात्रा पर थे। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद, उन्हें हाल ही में अमेरिका प्रत्यर्पित (Extradite) किया गया है।

क्या हैं गंभीर आरोप? अमेरिकी अभियोजकों का दावा

अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई (FBI) और न्याय विभाग ने निखिल गुप्ता के खिलाफ एक विस्तृत आरोप पत्र पेश किया है:

  1. हत्या की सुपारी (Murder-for-Hire): आरोप है कि गुप्ता ने न्यूयॉर्क में रहने वाले खालिस्तानी समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या के लिए एक शूटर को 1 लाख डॉलर देने का सौदा किया था।
  2. कथित ‘भारतीय अधिकारी’ से संपर्क: अमेरिकी जांचकर्ताओं का दावा है कि गुप्ता एक अज्ञात भारतीय सरकारी अधिकारी के निर्देश पर काम कर रहे थे। हालांकि, भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर किसी भी सरकारी संलिप्तता से साफ इनकार किया है।
  3. अंडरकवर एजेंट का जाल: निखिल गुप्ता ने जिस व्यक्ति को ‘हिटमैन’ समझकर सुपारी दी थी, वह असल में अमेरिकी प्रशासन का एक अंडरकवर एजेंट था, जिसके कारण पूरी योजना का भंडाफोड़ हो गया।

भारत सरकार का रुख: जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति

इस संवेदनशील मामले पर भारत सरकार ने अपना पक्ष स्पष्ट रखा है:

  • कठोर जांच: भारत ने अमेरिका द्वारा साझा किए गए इनपुट्स की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है।
  • नीतिगत स्पष्टता: भारत ने बार-बार कहा है कि ‘टारगेटेड किलिंग’ (लक्ष्य बनाकर हत्या करना) भारत सरकार की आधिकारिक नीति का हिस्सा नहीं है।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा: साथ ही, भारत ने पन्नू जैसे आतंकियों द्वारा दी जाने वाली धमकियों पर अमेरिका की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं।

निखिल गुप्ता का पक्ष: “मैं बेकसूर हूँ”

न्यूयॉर्क की अदालत में पेशी के दौरान निखिल गुप्ता ने खुद को निर्दोष बताया है। उनके वकीलों का तर्क है कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है और उनके खिलाफ पेश किए गए सबूत अधूरे हैं। वर्तमान में वे अमेरिकी जेल में हैं और उनके मामले की सुनवाई जारी है।

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