नई दिल्ली।
केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने शनिवार को विपक्ष और विशेषकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जब भी संसद में बोलते हैं तो उनकी ही पार्टी के सांसद असहज महसूस करते हैं, क्योंकि उन्हें डर रहता है कि उनकी बयानबाजी कांग्रेस को नुकसान पहुंचा सकती है।
रिजिजू ने कहा, “राहुल गांधी बहुत खतरनाक रास्ते पर जा रहे हैं। जॉर्ज सोरोस ने कहा है कि भारत सरकार को अस्थिर करने के लिए एक ट्रिलियन डॉलर अलग रखे गए हैं। कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन और वामपंथी संगठनों में बैठी भारत-विरोधी खालिस्तानी ताकतें लगातार साजिश रच रही हैं। दुर्भाग्य से कांग्रेस और राहुल गांधी इन ताकतों के साथ मिलकर देश को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। यह बेहद चिंताजनक है, लेकिन देश निश्चिंत रहे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोई भी ताकत भारत को अस्थिर नहीं कर सकती।”
विपक्ष की रणनीति पर हमला
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब कांग्रेस चुनाव हारती है तो भारत-विरोधी ताकतों के साथ मिलकर सरकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला शुरू कर देती है। वे बार-बार न्यायपालिका और चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हैं ताकि जनता का विश्वास टूटे।
रिजिजू ने कहा, “यह उनकी सोची-समझी रणनीति है कि संस्थाओं को कमजोर बताकर जनता का भरोसा डगमगाया जाए। लेकिन इस देश की संस्थाएं मजबूत हैं और विपक्ष की इन कोशिशों से देश पर कोई आंच नहीं आएगी।”
विधेयक और प्रधानमंत्री मोदी का रुख
प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और गंभीर आपराधिक आरोपों में घिरे मंत्रियों को पद से हटाने संबंधी प्रस्तावित विधेयक पर रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने खुद को छूट दिए जाने की सिफारिश ठुकरा दी।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री भी एक नागरिक हैं। उन्हें विशेष सुरक्षा या छूट नहीं मिलनी चाहिए। अगर हमारी पार्टी का कोई मुख्यमंत्री या मंत्री गलत करता है, तो उसे नैतिक आधार पर पद छोड़ना होगा। यही लोकतंत्र और नैतिकता का तकाजा है। अगर विपक्ष वास्तव में नैतिकता को महत्व देता तो इस विधेयक का स्वागत करता।”
संसद न चलने का आरोप विपक्ष पर
केंद्रीय मंत्री ने संसद की कार्यवाही में लगातार हो रहे गतिरोध के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि संसद न चलने का सबसे बड़ा नुकसान विपक्षी दलों और उनके सांसदों को ही हो रहा है।
रिजिजू ने कहा, “कांग्रेस को बहस और चर्चा में रुचि नहीं है। कई विपक्षी सांसद खुद मेरे पास आकर कहते हैं कि संसद बंद रहने के कारण वे अपने क्षेत्रों की समस्याएं नहीं उठा पा रहे हैं। अगर संसद नहीं चलेगी तो नुकसान उन्हीं का है जिन्हें सवाल पूछने हैं। सरकार तो राष्ट्रहित में विधेयक पारित कर देगी।”
उन्होंने आगे कहा कि संसद में हंगामा करने से लोकतंत्र कमजोर होता है। “संसद विपक्ष की होती है और सरकार जवाब देने के लिए जिम्मेदार होती है। लेकिन जब सवाल पूछने वाले ही भाग जाएं तो सरकार क्या करेगी? विपक्ष को सवाल पूछने चाहिए, लेकिन वे लगातार हंगामा कर रहे हैं। मेरा गला भी बैठ गया है क्योंकि मुझे रोज़ चिल्लाकर विपक्ष से हंगामा न करने की अपील करनी पड़ती है।”
‘देश मोदी के नेतृत्व में सुरक्षित’
रिजिजू ने अपने वक्तव्य का समापन करते हुए कहा कि चाहे आंतरिक राजनीति हो या बाहरी चुनौतियां, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि वे संसद की कार्यवाही में हिस्सा लें, सवाल पूछें और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।





