कोलकाता। आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुए गैंगरेप और हत्या कांड की पीड़िता के माता-पिता ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की हालिया रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में कोलकाता को देश के सबसे सुरक्षित शहरों में दिखाना “भ्रामक और जमीनी हकीकत से कोसों दूर” है। पीड़िता के माता-पिता का कहना है कि जिस शहर में उनकी बेटी जैसी दर्दनाक घटना घट सकती है, वहां महिलाओं की सुरक्षा के दावे खोखले साबित होते हैं।
पीड़िता की मां ने कहा कि “हमारी बेटी के साथ जो हुआ, वह किसी सुरक्षित शहर की निशानी नहीं हो सकता। यदि कोलकाता वास्तव में सुरक्षित होता, तो आज हमारी बेटी जिंदा होती।” उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन आंकड़ों में सुधार दिखाने के बजाय असल स्थिति पर ध्यान दें।
पीड़िता के पिता ने भी कहा कि एनसीआरबी की रिपोर्ट कागजी है और इसमें सच्चाई को छिपाया गया है। “हमने देखा है कि अपराध दर्ज होने से पहले ही कई मामलों को दबा दिया जाता है या कमजोर धाराओं में बदल दिया जाता है, जिससे अपराध के आंकड़े कम दिखाई दें,” उन्होंने आरोप लगाया।
गौरतलब है कि हाल ही में जारी एनसीआरबी की रिपोर्ट में कोलकाता को महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित शहरों में से एक बताया गया था। लेकिन आरजी कर मामले के बाद से राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने सरकार पर निशाना साधा है।
वहीं, राज्य सरकार का कहना है कि मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन पीड़िता के परिवार का कहना है कि जब तक महिलाओं के लिए सड़कों से लेकर संस्थानों तक वास्तविक सुरक्षा व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक कोई रिपोर्ट भरोसेमंद नहीं मानी जा सकती।





