कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सेना की पूर्वी कमान मुख्यालय विजय दुर्ग में भारतीय सशस्त्र बलों के 16वें संयुक्त कमांडर सम्मेलन (सीसीसी) का उद्घाटन किया। तीन दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन (15 से 17 सितंबर) में थलसेना, नौसेना और वायुसेना के शीर्ष कमांडर देश की सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों, भावी रणनीतियों और सैन्य तैयारियों पर गहन विचार-विमर्श करेंगे।
‘भारतीय सशस्त्र बल विजन 2047’ दस्तावेज का अनावरण
उद्घाटन सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र निर्माण में भारतीय सशस्त्र बलों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनकी अनुकरणीय सेवाओं की सराहना की। उन्होंने इस अवसर पर ‘भारतीय सशस्त्र बल विजन 2047’ दस्तावेज का भी अनावरण किया, जो भविष्य के लिए तैयार और सशक्त सशस्त्र बलों का खाका प्रस्तुत करता है। पीएम ने शीर्ष सैन्य कमांडरों के साथ सुबह से लेकर साढ़े तीन घंटे से अधिक समय तक विस्तृत चर्चा की।
सम्मेलन का विषय: ‘सुधारों का वर्ष – भविष्य के लिए परिवर्तन’
संयुक्त कमांडर सम्मेलन सशस्त्र बलों का सबसे बड़ा रणनीतिक मंच है, जिसमें देश का सर्वोच्च सैन्य और नागरिक नेतृत्व एक साथ बैठकर विचार साझा करता है। इस बार का विषय ‘सुधारों का वर्ष – भविष्य के लिए परिवर्तन’ रखा गया है। सम्मेलन में भारतीय सेनाओं के आधुनिकीकरण, संयुक्तता, एकीकरण और बहु-क्षेत्रीय युद्ध (Multi-domain Warfare) की चुनौतियों का सामना करने के लिए परिचालन क्षमता बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी
रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और तीनों सेनाओं के प्रमुखों सहित शीर्ष सैन्य कमांडर भाग ले रहे हैं।
हर दो साल पर होता है आयोजन
संयुक्त कमांडर सम्मेलन हर दो साल में आयोजित किया जाता है। इससे पहले वर्ष 2023 में इसका आयोजन भोपाल में हुआ था। इस बार का आयोजन पूर्वी कमान के मुख्यालय में किया जा रहा है, जो देश की पूर्वोत्तर सीमाओं और समुद्री क्षेत्रों की सुरक्षा दृष्टि से अहम है।





