Saturday, January 31, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

कैंडल मार्च निकालकर फुटपाथ बचाने के लिए उठाई आवाज: हल्द्वानी में नागरिकों का बड़ा प्रदर्शन

हल्द्वानी, 19 जनवरी 2026: शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों में बढ़ते अतिक्रमण और पैदल यात्रियों की सुविधाओं में आ रही कमी के खिलाफ रविवार शाम हल्द्वानी में नागरिकों ने एकजुट होकर आवाज बुलंद की। ‘समाज सुधार सेवा समिति’ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों ने बुद्ध पार्क से एसडीएम कोर्ट तक एक विशाल कैंडल मार्च निकाला।

प्रदर्शन और प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों का विवरण इस प्रकार है:

  • फुटपाथ बचाओ आंदोलन: प्रदर्शनकारियों का मुख्य उद्देश्य शहर के मुख्य मार्गों पर फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराना है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शहर के फुटपाथों पर अवैध कब्जे होने के कारण पैदल चलने वालों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को जान जोखिम में डालकर मुख्य सड़क पर चलना पड़ता है।
  • कैंडल मार्च का रूट: यह मौन जुलूस बुद्ध पार्क से शुरू हुआ और तिकोनिया होते हुए एसडीएम कोर्ट परिसर तक पहुँचा। हाथों में जलती हुई मोमबत्तियां और ‘फुटपाथ बचाओ’ की तख्तियां लिए लोग प्रशासन के खिलाफ अपना शांतिपूर्ण विरोध दर्ज करा रहे थे।
  • हादसों का खतरा: समिति के सदस्यों ने चिंता जताई कि फुटपाथ न होने की वजह से शहर में सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ रहा है। हाल ही में कोहरे के कारण हुई दुर्घटनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यदि फुटपाथ सुरक्षित होते, तो पैदल यात्री सड़क के बीच में आने को मजबूर न होते।
  • प्रशासन को अल्टीमेटम: कैंडल मार्च के समापन पर प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई है कि नगर निगम और पुलिस विभाग संयुक्त अभियान चलाकर फुटपाथों से अवैध रेहड़ी-पटरी और अन्य अतिक्रमणों को हटाए।
  • प्रमुख भागीदारी: इस आंदोलन में समाज सुधार सेवा समिति के अध्यक्ष मुकेश सिंह बिष्ट, संयोजक दीपचंद पांडे सहित भगवंत सिंह राणा, पंकज आर्य, और बड़ी संख्या में महिला शक्ति ने भी हिस्सा लिया।

प्रदर्शन की मुख्य मांगें

क्रमांक प्रमुख मांग
1. शहर के सभी मुख्य मार्गों से फुटपाथ अतिक्रमण तत्काल हटाया जाए।
2. वेंडिंग जोन और नॉन-वेंडिंग जोन का स्पष्ट निर्धारण हो।
3. पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए रैलिंग और साइनेज लगाए जाएं।
4. अतिक्रमण करने वालों पर भारी जुर्माना और सख्त कानूनी कार्रवाई हो।

 

समिति का संदेश: “फुटपाथ किसी की निजी जागीर नहीं, बल्कि जनता का अधिकार है। यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो यह आंदोलन उग्र रूप धारण करेगा।”

Popular Articles