तिरुवनंतपुरम/नई दिल्ली (21 मार्च, 2026): केरल विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक बेहद आक्रामक और रणनीतिक ‘महाप्लान’ तैयार किया है। राज्य की 140 सदस्यीय विधानसभा में अपना खाता खोलने और ऐतिहासिक जीत हासिल करने के दृढ़ संकल्प के साथ, भाजपा अपने शीर्ष राष्ट्रीय नेतृत्व को मैदान में उतारने जा रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह केरल में भाजपा के चुनाव प्रचार अभियान को धार देंगे और मतदाताओं को साधने के लिए जोरदार रैलियां व जनसंपर्क कार्यक्रम करेंगे।
शीर्ष नेतृत्व का जमावड़ा: पीएम मोदी के तूफानी दौरे और अमित शाह की रणनीति
केरल में भाजपा की चुनावी रणनीति का केंद्र बिंदु राष्ट्रीय नेताओं की सक्रिय भागीदारी है:
- प्रधानमंत्री मोदी के दौरे: पीएम मोदी केरल के प्रमुख जिलों में दो तूफानी दौरे करेंगे। इस दौरान वे विशाल जनसभाओं को संबोधित करेंगे और पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश भरेंगे। उनके दौरों को केरल की राजनीति में एक बड़ा ‘गेमचेंजर’ माना जा रहा है।
- अमित शाह का मार्गदर्शन: गृह मंत्री अमित शाह भी केरल का दौरा करेंगे और जमीनी स्तर पर पार्टी की संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा करेंगे। वे राज्य के वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर चुनाव प्रचार की रणनीति को अंतिम रूप देंगे।
- मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी: पीएम मोदी और शाह के अलावा, भाजपा शासित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता भी केरल का दौरा करेंगे और पार्टी के पक्ष में माहौल बनाएंगे।
रणनीतिक फोकस: कासरगोड से तिरुवनंतपुरम तक व्यापक जनसंपर्क
भाजपा ने केरल के राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में व्यापक जनसंपर्क पर ध्यान केंद्रित किया है:
- प्रमुख जिले: पार्टी की रणनीति विशेष रूप से कासरगोड, पलक्कड़, तिरुवनंतपुरम, कोल्लम और त्रिशूर जैसे जिलों पर केंद्रित है, जहाँ भाजपा का आधार मजबूत है या जहाँ वह कड़ी टक्कर देने की स्थिति में है।
- जमीनी स्तर पर पकड़: भाजपा कार्यकर्ता घर-घर जाकर मतदाताओं से संवाद कर रहे हैं और उन्हें केंद्र सरकार की उपलब्धियों व पार्टी के विजन से अवगत करा रहे हैं।
आत्मविश्वास का कारण: सुरेश गोपी की जीत और स्थानीय निकाय चुनावों में सफलता
केरल में भाजपा के बढ़ते आत्मविश्वास के पीछे हाल के चुनावी नतीजे हैं:
- त्रिशूर में सुरेश गोपी की ऐतिहासिक जीत: अभिनेता से राजनेता बने सुरेश गोपी की त्रिशूर लोकसभा सीट पर शानदार जीत ने भाजपा को एक बड़ी संजीवनी दी है। उन्होंने 70,000 से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की, जो केरल में भाजपा के बढ़ते जनाधार का प्रमाण है।
स्थानीय निकाय चुनावों में प्रदर्शन: दिसंबर में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम पर नियंत्रण हासिल कर लिया। यह उपलब्धि राज्य की राजधानी में पार्टी की मजबूत पकड़ को दर्शाती है और विधानसभा चुनाव के लिए एक सकारात्मक संकेत है।





