रामनगर। विश्व प्रसिद्ध जिम कार्बेट नेशनल पार्क में पर्यटकों के साथ धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। पार्क प्रशासन की जांच में एक कथित बुकिंग एजेंट द्वारा पर्यटकों को जाली परमिट बेचकर ठगने का खुलासा हुआ है। इस संबंध में रामनगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सुनियोजित तरीके से ठगी का खेल
पुलिस और कार्बेट प्रशासन की संयुक्त जांच के अनुसार, आरोपी की पहचान रामनगर के मोहल्ला शक्तिनगर निवासी फरमान अली उर्फ (फरमान-नोशु) पुत्र साजिद अली के रूप में हुई है।
- फर्जीवाड़ा: आरोपी खुद को कार्बेट नेशनल पार्क का अधिकृत बुकिंग एजेंट बताता था और पर्यटकों को झांसे में लेकर उन्हें जाली सफारी और रात्रि विश्राम के परमिट बेचता था।
- सोशल मीडिया का सहारा: फरमान अली सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर पर्यटकों को भ्रमित करता था:
- फेसबुक आईडी: Corbettvender (कार्बेट वेंडर)
- वेबसाइट: www.naijaungleisafari.com
- इंस्टाग्राम आईडी: naija_jungle_safari
- आर्थिक नुकसान: कार्बेट प्रशासन की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी सुनियोजित रूप से पर्यटकों को गुमराह कर उन्हें भारी आर्थिक नुकसान पहुँचाता था।
कार्बेट प्रशासन की सतर्कता से खुला राज
इस धोखाधड़ी का पता तब चला जब कुछ पर्यटक आरोपी द्वारा दिए गए जाली परमिट लेकर सफारी के लिए पहुँचे। गेट पर चेकिंग के दौरान परमिट फर्जी पाए जाने पर पर्यटकों को एंट्री नहीं मिली, जिसके बाद उन्होंने कार्बेट प्रशासन से शिकायत की।
अधिकारियों का बयान: “कार्बेट प्रशासन पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस तरह के फर्जीवाड़े को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पर्यटकों से अपील है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट (www.corbettonline.uk.gov.in) के माध्यम से ही बुकिंग करें।”
पुलिस की कार्रवाई और आगामी जांच
शिकायत के आधार पर रामनगर पुलिस ने आरोपी फरमान अली के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की प्रासंगिक धाराओं के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने अब तक कितने पर्यटकों को ठगा है और क्या इस रैकेट में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है। आरोपी की वेबसाइट और सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।





