Tuesday, March 3, 2026

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कार्बेट टाइगर रिजर्व में पर्यटक कर सकेंगे ‘फुल डे सफारी’

रामनगर। अब कार्बेट टाइगर रिजर्व में ‘राजा’ (बाघ) और ‘गजराज’ (हाथी) को करीब से देखने का अनुभव और भी रोमांचक होने जा रहा है। देश के सबसे लोकप्रिय टाइगर रिजर्वों में शामिल कार्बेट में पहली बार ‘फुल डे सफारी’ शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए रिजर्व प्रबंधन की ओर से प्रस्ताव वन मुख्यालय को भेज दिया गया है। मंजूरी मिलने पर पर्यटक सुबह प्रवेश कर शाम तक पूरे दिन जंगल का दीदार कर पाएंगे।

वर्तमान में कार्बेट टाइगर रिजर्व में सफारी केवल दो शिफ्टों—सुबह 6 से 10 बजे और दोपहर 2:30 से शाम 6:30 बजे तक—में ही संभव है। इसके अलावा कुछ जोनों में नाइट स्टे की भी सुविधा है। लेकिन पर्यटक लंबे समय तक वन्यजीवों को निहारने और प्रकृति के बीच शांत समय बिताने की इच्छा रखते हैं। इसी को देखते हुए प्रबंधन ‘फुल डे सफारी’ का विकल्प जोड़ने की योजना बना रहा है।

नई व्यवस्था लागू होने पर पर्यटक सुबह निर्धारित समय पर सफारी में प्रवेश करेंगे और दिनभर जंगल में रहकर शाम को ही वापस लौटेंगे। दो शिफ्टों के बीच जब सफारी बंद रहती है, उस अवधि में पर्यटक वन विभाग के फॉरेस्ट रेस्ट हाउस में आराम कर सकेंगे।

कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक साकेत बडोला के अनुसार, रणथंभौर और ताड़ोबा टाइगर रिजर्व में फुल डे सफारी पहले से चल रही है। कार्बेट में इसे गर्जिया, बिजरानी, ढेला और झिरना जोनों में शुरू करने की योजना है। वन मुख्यालय स्तर पर प्रस्ताव पर विचार-विमर्श जारी है।

पर्यटकों को सुरक्षित ढंग से अधिक समय जंगल का दृश्य देखने के लिए कार्बेट में स्थापित निगरानी टॉवरों पर बैठने की अनुमति देने की भी तैयारी है।
इसके लिए एसओपी तैयार कर ली गई है और यह व्यवस्था सबसे पहले ढिकाला जोन में लागू होगी।

मुख्य प्रावधान इस प्रकार होंगे—

  • टॉवरों के चारों ओर सोलर फेंसिंग की जाएगी।
  • हर पर्यटक के साथ नेचर गाइड अनिवार्य होगा।
  • खाद्य सामग्री ले जाना प्रतिबंधित होगा, हालांकि पानी ले जाने की अनुमति रहेगी।
  • टॉवर पर बैठकर वन्यजीव देखने की अवधि पहली और दूसरी शिफ्ट के बीच निर्धारित समय में होगी।
  • इसके लिए पर्यटकों को अतिरिक्त शुल्क देना होगा।

रिजर्व प्रबंधन ने हाथी सफारी को दोबारा शुरू करने का भी प्रस्ताव भेजा है। यह सुविधा ‘पहले आओ–पहले पाओ’ के आधार पर उपलब्ध कराई जाएगी।

कार्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व हाल के वर्षों में उत्तराखंड के सबसे बड़े पर्यटन केंद्र बनकर उभरे हैं।

  • वर्ष 2022–23 में आए दर्शक: 6,58,613
  • वर्ष 2023–24 में आए दर्शक: 7,17,939
  • वर्ष 2024–25 में आए दर्शक: 8,08,324

वन विभाग के अनुसार, वर्ष 2024–25 में केवल कार्बेट के आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन से करीब 1,000 करोड़ रुपये का व्यवसाय हुआ है।

अधिकारियों का कहना है कि फुल डे सफारी लागू होने पर रोमांच चाहने वाले पर्यटकों को अधिक समय और अवसर मिलेगा, मगर इसके लिए अतिरिक्त शुल्क भी देना होगा। मंजूरी मिलने पर कार्बेट टाइगर रिजर्व में पर्यटन का अनुभव और भी अनोखा और यादगार बनने की उम्मीद है।

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