बेंगलुरु: कर्नाटक की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर करते हुए उच्च न्यायालय ने कांग्रेस के एक मौजूदा विधायक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है। न्यायालय ने विधायक के निर्वाचन को अवैध घोषित करते हुए उनका चुनाव रद्द कर दिया है। जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह फैसला विधायक द्वारा नामांकन के समय अपने चुनावी हलफनामे में संपत्ति और कारोबारी हितों की जानकारी छिपाने के आधार पर सुनाया है। अदालत ने चुनाव आयोग को संबंधित विधानसभा सीट को तत्काल प्रभाव से ‘खाली’ घोषित करने और भविष्य की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह कानूनी कार्रवाई एक चुनावी याचिका (Election Petition) के आधार पर हुई है, जिसमें विधायक की जीत को चुनौती दी गई थी:
- तथ्यों को छिपाना: याचिकाकर्ता ने अदालत के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत किए कि कांग्रेस विधायक ने अपने हलफनामे (Affidavit) में अपनी और अपने परिवार की वास्तविक अचल संपत्ति और कई व्यावसायिक उपक्रमों का खुलासा नहीं किया था।
- पारदर्शिता का उल्लंघन: अदालत ने माना कि मतदाता को अपने उम्मीदवार की वित्तीय पृष्ठभूमि जानने का मौलिक अधिकार है। जानबूझकर जानकारी छिपाना ‘भ्रष्ट आचरण’ और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (RP Act) का गंभीर उल्लंघन है।
हाई कोर्ट के फैसले के मुख्य बिंदु
माननीय उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में सख्त टिप्पणियाँ करते हुए निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं:
- चुनाव रद्द: विधायक की जीत को ‘शून्य और अमान्य’ (Null and Void) घोषित कर दिया गया है, जिसका अर्थ है कि वे अब सदन के सदस्य नहीं रहेंगे।
- सीट रिक्त घोषित: चुनाव आयोग को आदेश दिया गया है कि वह इस विधानसभा क्षेत्र को आधिकारिक रूप से खाली घोषित करे।
- सुविधाएं वापस: इस फैसले के प्रभावी होने के साथ ही विधायक को मिलने वाले सभी सरकारी भत्ते, वाहन और अन्य विधायी सुविधाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त हो जाएंगी।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
इस फैसले के बाद कर्नाटक की सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी और विपक्षी दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है:
- विपक्ष का हमला: भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जेडीएस ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे “नैतिकता की जीत” बताया है और विधायक के इस्तीफे की मांग की है।
- कांग्रेस का रुख: सूत्रों के अनुसार, प्रभावित विधायक इस फैसले को सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं। पार्टी नेतृत्व कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ले रहा है कि क्या इस पर ‘स्टे’ (Stay) लिया जा सकता है।





