भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सरदार वल्लभभाई पटेल के 150वें जन्मोत्सव के अवसर पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि आज़ादी के बाद कांग्रेस सरकारों ने राजनीतिक कारणों से पटेल के योगदान को “इतिहास में जानबूझकर दबाया”।
नड्डा ने कहा कि स्वतंत्र भारत के निर्माण में सरदार पटेल की भूमिका निर्णायक थी, लेकिन 1950 से 1991 के बीच सत्ता में रही कांग्रेस सरकारों ने उन्हें वह सम्मान नहीं दिया जिसके वे हकदार थे। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर आपत्ति जताई कि पटेल को भारत रत्न बहुत देर से प्रदान किया गया।
नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने पटेल की विरासत को सम्मान दिलाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। केवडिया में निर्मित “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी” को उन्होंने एकीकृत भारत के विचार की सजीव पहचान बताया और कहा कि Unity March के माध्यम से युवा पीढ़ी को पटेल की सोच और संघर्ष से परिचित कराया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान केवल इतिहास की बहस नहीं बल्कि कांग्रेस और भाजपा के बीच वैचारिक विरासत की लड़ाई को और गहरा करता है। Patel की विरासत पर नियंत्रण का यह विमर्श भविष्य की राजनीतिक रणनीतियों में प्रमुख स्थान ले सकता है।





