किन्शासा/गोमा: मध्य अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) के पूर्वी हिस्से से एक हृदयविदारक खबर सामने आई है। उत्तरी किवु प्रांत के रुबाया इलाके में स्थित एक प्रमुख कोल्टन (Coltan) खदान में भारी बारिश के बाद हुए भीषण भूस्खलन में 200 से अधिक लोगों की दबकर मौत हो गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर खदान के मुहाने पर गिर गया, जिससे वहां काम कर रहे सैकड़ों मजदूर और उनके परिवार मलबे के नीचे जिंदा दफन हो गए। राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन कीचड़ और मलबे की विशाल मात्रा के कारण जीवित बचे लोगों की उम्मीद बेहद कम है।
महिलाओं और बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़
रुबाया की यह खदान ‘आर्टिसनल माइनिंग’ (पारंपरिक खुदाई) के लिए जानी जाती है, जहाँ गरीब परिवारों के लोग अपने बच्चों समेत काम करते हैं।
- असुरक्षित हालात: हादसे के समय बड़ी संख्या में महिलाएं खदान के पास मलबे से धातु अलग करने का काम कर रही थीं, जबकि बच्चे वहां खेल रहे थे या छोटे गड्ढों में खुदाई कर रहे थे।
- मौतों का आंकड़ा: स्थानीय नागरिक समूहों का दावा है कि अब तक 200 से अधिक शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें से 60 प्रतिशत से अधिक महिलाएं और बच्चे हैं।
कोल्टन: स्मार्टफोन के लिए ‘खून’ से रंगा खनिज
कांगो की ये खदानें पूरी दुनिया के लिए तकनीकी रीढ़ की हड्डी हैं, लेकिन यहाँ काम करने वालों की स्थिति भयावह है:
- स्मार्टफोन में इस्तेमाल: कोल्टन एक दुर्लभ खनिज है जिससे ‘टैंटलम’ निकाला जाता है। इसका उपयोग स्मार्टफोन, लैपटॉप और इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी और कैपेसिटर बनाने में होता है।
- अवैध खनन का जाल: रुबाया का क्षेत्र अक्सर सशस्त्र समूहों के नियंत्रण में रहता है, जो अवैध रूप से खदानों का संचालन करवाते हैं। यहाँ सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की जाती है।
- भूस्खलन की वजह: पिछले कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने खदानों के आसपास की मिट्टी को कमजोर कर दिया था, जिससे पहाड़ धंस गया।
बचाव कार्यों में आ रही भारी बाधाएं
हादसे के बाद से ही स्थानीय ग्रामीण अपने हाथों और साधारण औजारों से मलबे को हटाने की कोशिश कर रहे हैं।
- मशीनरी का अभाव: क्षेत्र की दुर्गमता और खराब सड़कों के कारण भारी अर्थमूवर मशीनें और बुलडोजर समय पर मौके पर नहीं पहुँच पाए हैं।
- महामारी का खतरा: मलबे के नीचे दबे शवों के सड़ने से इलाके में संक्रमण फैलने का खतरा पैदा हो गया है, जिससे राहत कर्मियों की चिंता बढ़ गई है।
अंतरराष्ट्रीय चिंता और मानवाधिकार
इस घटना ने एक बार फिर उन ‘ब्लड मिनरल्स’ (Blood Minerals) पर चर्चा छेड़ दी है जो अंतरराष्ट्रीय तकनीकी कंपनियों को सप्लाई किए जाते हैं।
“रुबाया का यह हादसा प्राकृतिक आपदा से कहीं अधिक मानवीय विफलता है। दुनिया भर की कंपनियां सस्ते कोल्टन के लिए इन मासूमों की जान जोखिम में डाल रही हैं। सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इन असुरक्षित खदानों पर लगाम लगानी होगी।” — मानवाधिकार कार्यकर्ता, किन्शासा
अगला कदम: क्या होगी कार्रवाई?
कांगो सरकार ने क्षेत्र में खनन गतिविधियों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है और पीड़ितों के परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक तकनीकी कंपनियां अपनी सप्लाई चेन की निगरानी नहीं बढ़ातीं, तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे।




