नई दिल्ली। दवाओं की गुणवत्ता को लेकर लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों के बीच कफ सिरप पर सरकार ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। मध्यप्रदेश और राजस्थान के बाद अब तमिलनाडु में भी कफ सिरप के नमूने फेल पाए गए हैं। इस गंभीर मामले को देखते हुए राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से संबंधित कंपनी के उत्पादन पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, तमिलनाडु में संचालित एक फार्मा कंपनी के उत्पादन से लिए गए कफ सिरप के नमूनों की लैब जांच की गई। जांच रिपोर्ट में सिरप गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरा। रिपोर्ट आने के बाद सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए उत्पादन को अस्थायी रूप से बंद करवा दिया है।
गौरतलब है कि हाल ही में मध्यप्रदेश और राजस्थान में भी कुछ फार्मा कंपनियों द्वारा बनाए गए कफ सिरप मानकों पर खरे नहीं उतरे थे। इसके चलते वहां भी उत्पादन रोकने और जांच बैठाने जैसी कार्रवाई की गई थी। लगातार कई राज्यों में कफ सिरप के नमूने फेल होने से देशभर में हड़कंप मच गया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय भी इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। मंत्रालय ने संबंधित राज्यों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और यह सुनिश्चित करने को कहा है कि दोषपूर्ण दवाएं बाजार में न पहुंचें। इसके अलावा ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) को भी सभी राज्यों में उत्पादित कफ सिरप की सघन जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों में खांसी-जुकाम के इलाज के लिए कफ सिरप का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। ऐसे में इनकी गुणवत्ता से कोई समझौता लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि मानकों से समझौता करने वाली किसी भी कंपनी को बख्शा नहीं जाएगा। दोषी पाई जाने वाली कंपनियों के खिलाफ न केवल कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी, बल्कि उनके लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं।
कफ सिरप पर बढ़ी सख्ती: एमपी-राजस्थान के बाद अब तमिलनाडु में नमूने फेल, सरकार ने उत्पादन पर लगाई रोक





