जोशीमठ (चमोली): विश्व प्रसिद्ध स्कीइंग डेस्टिनेशन औली एक बार फिर सफेद बर्फ की चादर ओढ़े राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की मेजबानी के लिए तैयार है। इस वर्ष की ‘नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप’ कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रही है, क्योंकि प्रतियोगिता के इतिहास में पहली बार मुकाबले एक के बजाय दो अलग-अलग स्लोप पर आयोजित किए जाएंगे। विंटर गेम्स एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड और भारतीय ओलंपिक संघ ने मिलकर इस मेगा इवेंट की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस पहल से न केवल खेल का स्तर बढ़ेगा, बल्कि औली को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने में भी मदद मिलेगी।
दो स्लोप पर मुकाबले: क्या है नई रणनीति?
अब तक औली में प्रतियोगिताएं मुख्य रूप से एक ही ट्रैक पर होती थीं, लेकिन इस बार व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है:
- तकनीकी विविधता: दो अलग-अलग स्लोप होने से ‘स्लालोम’ और ‘जायंट स्लालोम’ जैसी विभिन्न श्रेणियों के मुकाबले समानांतर रूप से चल सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए अधिक चुनौतीपूर्ण ट्रैक मिलेंगे।
- अंतरराष्ट्रीय मानक: विशेषज्ञों का मानना है कि दो स्लोप का उपयोग औली को भविष्य में ‘विंटर ओलंपिक’ या ‘वर्ल्ड कप’ की मेजबानी के दावेदार के रूप में मजबूत करेगा।
- बर्फ की गुणवत्ता: दोनों स्लोप पर कृत्रिम बर्फ बनाने वाली मशीनों (स्नो मेकिंग गन्स) का भी बैकअप रखा गया है ताकि प्राकृतिक बर्फ कम होने की स्थिति में भी खेल बाधित न हो।
चैंपियनशिप की तैयारी: प्रशासन और एसोसिएशन अलर्ट पर
विंटर गेम्स एसोसिएशन ने आयोजन को भव्य बनाने के लिए सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया है:
- खिलाड़ियों का जमावड़ा: इस चैंपियनशिप में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और सेना (सर्विसेज) सहित देशभर की लगभग 15 से अधिक टीमें हिस्सा ले रही हैं।
- सुरक्षा घेरा: स्लोप के चारों ओर सेफ्टी नेट लगाए गए हैं और चिकित्सा दल को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया है। किसी भी आपात स्थिति के लिए एयर-एंबुलेंस की सुविधा भी सुनिश्चित की गई है।
- चेयर लिफ्ट और स्की लिफ्ट: पर्यटकों और खिलाड़ियों की आवाजाही के लिए चेयर लिफ्ट को पूरी तरह दुरुस्त कर लिया गया है ताकि स्लोप के ऊपरी छोर तक पहुंचने में कोई बाधा न आए।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा
इस राष्ट्रीय आयोजन से स्थानीय व्यापारियों और होटल व्यवसायियों के चेहरे खिले हुए हैं:
- हाउसफुल हुए होटल: प्रतियोगिता के चलते औली और जोशीमठ के अधिकांश होटल और होम-स्टे बुक हो चुके हैं।
- विंटर टूरिज्म को बढ़ावा: इस आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है, जिससे चमोली जिले के पर्यटन राजस्व में भारी बढ़ोतरी होगी।





