रक्षा मंत्रालय ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को भारतीय सैन्य शक्ति, तकनीकी दक्षता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक करार दिया है। बुधवार को जारी एक बयान में मंत्रालय ने कहा कि इस अभियान के दौरान भारत ने बिना सीमा लांघे पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए, वह भी बिना अपनी किसी प्रणाली को क्षति पहुँचाए।
मंत्रालय के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान भारतीय रक्षा प्रणालियों ने दुश्मन के चीनी मूल की PL-15 मिसाइल और तुर्की के ‘यीहा’ UAV जैसे उन्नत उपकरणों को निष्क्रिय किया। इससे यह साबित होता है कि भारत न केवल आक्रामक रणनीति में आगे है, बल्कि दुश्मन की तकनीक को बेअसर करने में भी पूरी तरह सक्षम है।
7 मई को पाकिस्तान और पीओके में स्थित आतंकी शिविरों पर हुए हमले सिर्फ 23 मिनट में पूरे किए गए। इस दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान की चीनी तकनीक से लैस वायु रक्षा प्रणालियों को जाम कर दिया, जिससे ऑपरेशन निर्विघ्न संपन्न हुआ।
मंत्रालय ने बताया कि इस ऑपरेशन में लंबी दूरी के रॉकेट, क्वाडकॉप्टर और आत्मघाती ड्रोन जैसे हथियारों का सटीक और प्रभावी उपयोग किया गया। खास बात यह रही कि भारत की स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर नेटवर्क ने दुश्मन की अधिकांश जवाबी कार्रवाइयों को नाकाम कर दिया।
‘नूर खान’ और ‘रहीमयार खान’ जैसे रणनीतिक पाकिस्तानी एयरबेस को भी सटीकता से निशाना बनाया गया। मंत्रालय ने दावा किया कि थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बीच तालमेल इतना मजबूत था कि पाकिस्तान की ओर से 9-10 मई की रात को किए गए ड्रोन और एयरस्ट्राइक जैसे हमलों को पूरी तरह निष्फल कर दिया गया।
इस बहुस्तरीय रक्षा कवच में मानव रहित हवाई प्रणालियाँ, कंधे से दागे जाने वाले हथियार और इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग सिस्टम शामिल थे, जिन्होंने यह सुनिश्चित किया कि भारत के सैन्य या नागरिक ढांचे को कोई बड़ा नुकसान न हो।
मंत्रालय ने इस पूरे अभियान को भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर बताया, जो दिखाता है कि आधुनिक युद्धक्षेत्र में देश न केवल तैयार है, बल्कि निर्णायक भी।





