नई दिल्ली। पाकिस्तान की सेना और आतंकी संगठनों के रिश्तों का काला सच एक बार फिर सामने आया है। जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर इलियास कश्मीरी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उसने कबूल किया है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने खुद आदेश दिए थे कि ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकियों के जनाजे में वरिष्ठ सैन्य अधिकारी वर्दी में शामिल हों।
आतंकियों को दिया गया ‘शहीद’ का दर्जा
कश्मीरी ने बताया कि सेना के जीएचक्यू (जनरल हेडक्वार्टर) से आदेश जारी किए गए थे कि मारे गए आतंकियों को ‘शहीद’ का दर्जा दिया जाए और कोर कमांडरों को उनके अंतिम संस्कार में शामिल होकर सलामी देने के निर्देश मिले। यह साफ करता है कि पाकिस्तान की सेना आतंकियों को न केवल संरक्षण देती है, बल्कि उन्हें सम्मान भी देती है।
मसूद अजहर और भारत पर हमले
वीडियो में कश्मीरी ने यह भी माना कि उसका सरगना मौलाना मसूद अजहर भारत में कई आतंकी हमलों का जिम्मेदार रहा है। उसने खुलासा किया कि आईसी-814 विमान अपहरण के बाद जब अजहर तिहाड़ जेल से छूटा और पाकिस्तान लौटा, तो बालाकोट उसका मुख्य अड्डा बन गया। यहीं से दिल्ली और मुंबई में आतंकी हमलों की साजिशें रची गईं।
लश्कर का नया वीडियो, भारत को धमकी
इसी बीच, लश्कर-ए-तैयबा के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी का वीडियो भी सामने आया है। इसमें उसने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली और भारत को धमकी दी कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन भारत के बांधों, नदियों और जम्मू-कश्मीर की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करेंगे।
पाक सेना और सरकार पर फंडिंग के आरोप
कसूरी ने खुलासा किया कि पाकिस्तान सरकार और सेना खुद लश्कर को फंड मुहैया करा रही है ताकि उसका मुख्यालय मुरिदके में दोबारा बनाया जा सके। यह वही ठिकाना है जिसे भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में ध्वस्त कर दिया था। कसूरी ने दावा किया कि तमाम मुश्किलों के बावजूद लश्कर की ताकत कम नहीं हुई है और उसने पाकिस्तान की जनता से समर्थन मांगा।
पाकिस्तान की पोल फिर खुली
पाकिस्तान अब तक वैश्विक मंचों पर दावा करता रहा है कि उसकी सेना किसी आतंकी संगठन के साथ नहीं है और उसके यहां जैश-लश्कर जैसे संगठनों के कैंप नहीं हैं। लेकिन इन वीडियोज ने इस्लामाबाद की सच्चाई बेनकाब कर दी है। मई में जब पाकिस्तानी अधिकारियों की तस्वीरें आतंकियों के जनाजे में शामिल होते सामने आई थीं, तब पाकिस्तान ने इसे झूठ बताया था। अब आतंकी कमांडरों के खुद के कबूलनामों ने पाकिस्तान की आतंक पर दोहरी नीति को उजागर कर दिया है।
भारत की अंतरराष्ट्रीय अपील
भारत ने पहले ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कहा था कि पाकिस्तान को आतंकवाद पर उसकी भूमिका के लिए जवाबदेह ठहराया जाए। इन नए सबूतों ने भारत की दलील को और मजबूत कर दिया है कि पाकिस्तान आतंकवाद का पोषक और संरक्षक है, न कि पीड़ित।





