नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े भारतीय सशस्त्र बलों के अधिकारियों और जवानों को उनकी असाधारण बहादुरी, नेतृत्व और कर्तव्यनिष्ठा के लिए वीरता पदकों से सम्मानित किया। समारोह में सेना, वायुसेना, नौसेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों तथा राज्य पुलिस के बहादुर अधिकारियों और कर्मियों को विभिन्न वीरता पुरस्कार प्रदान किए गए।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आतंकवादी ठिकानों और शत्रु सैन्य प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्रवाई में अहम भूमिका निभाने वाले कई वायुसेना अधिकारियों को वीर चक्र से सम्मानित किया गया। इन अधिकारियों ने कठिन परिस्थितियों में अदम्य साहस, उत्कृष्ट रणनीतिक कौशल और सफल अभियान संचालन का परिचय दिया।
समारोह में राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि देश अपने वीर सैनिकों के साहस, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों के जवानों ने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए जिस निष्ठा और पराक्रम का परिचय दिया है, वह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है।
रक्षा अलंकरण समारोह के दौरान कुल 51 वीरता पुरस्कार प्रदान किए गए। इनमें विभिन्न श्रेणियों के पदक शामिल रहे। कई पुरस्कार मरणोपरांत भी दिए गए, जिन्हें शहीद सैनिकों के परिजनों ने राष्ट्रपति से प्राप्त किया। समारोह में तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी, रक्षा मंत्रालय के अधिकारी तथा सम्मानित सैनिकों के परिजन उपस्थित रहे।
ऑपरेशन सिंदूर को भारत की आतंकवाद के विरुद्ध निर्णायक सैन्य कार्रवाई के रूप में देखा जाता है। इस अभियान में भारतीय सशस्त्र बलों ने संयुक्त समन्वय, आधुनिक सैन्य क्षमता और सटीक रणनीति का प्रदर्शन करते हुए अपने लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किए। राष्ट्रपति द्वारा इन अधिकारियों और जवानों को सम्मानित किया जाना उनके साहस और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का राष्ट्रीय सम्मान माना जा रहा है।





