नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के बाद सैन्य आधुनिकीकरण और एकीकृत थियेटर कमांड की दिशा में भारतीय सेना ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। सेना ने अपनी नई एकीकृत ‘रुद्र ब्रिगेड’ का गठन कर दिया है। उत्तरी कमान ने शनिवार को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर इस नई ब्रिगेड की औपचारिक घोषणा की।
यह ब्रिगेड भारतीय सेना की नई युद्धक सोच और भविष्य की लड़ाईयों के अनुरूप तैयार की गई है। इसमें इंफैंट्री, मेकेनाइज्ड इंफैंट्री, आर्मर्ड यूनिट, आर्टिलरी, स्पेशल फोर्स, और अनमैन्ड एरियल सिस्टम (UAS) जैसे आधुनिक युद्धक घटक शामिल किए गए हैं। इसे न केवल लॉजिस्टिक सपोर्ट बल्कि कांबैट सपोर्ट के लिए भी विशेष रूप से तैयार किया गया है, जिससे जटिल और बहुआयामी युद्ध परिस्थितियों में इसकी भूमिका निर्णायक साबित हो सके।
जुलाई में हुई थी घोषणा
26वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर इस वर्ष 26 जुलाई को सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ‘रुद्र ब्रिगेड’ के गठन की घोषणा की थी। अब कुछ ही महीनों में इसका गठन पूरा कर लिया गया है।
उत्तरी कमान ने अपनी पोस्ट में लिखा, “भारतीय सेना क्षमता विकास और भविष्य के युद्धों की तैयारी पर निरंतर ध्यान केंद्रित किए हुए है।”
रक्षा विशेषज्ञों की राय
रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि इस ब्रिगेड में विशेष बलों और मानवरहित प्रणालियों (Unmanned Systems) को शामिल करना भारतीय सेना की पारंपरिक शक्ति को उभरती हुई तकनीक के साथ जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उनका कहना है कि यह संरचना भारत को भविष्य के युद्धों के लिए अधिक सक्षम बनाएगी और सीमाओं पर एक सशक्त रणनीतिक संदेश भी भेजेगी।
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि ‘रुद्र ब्रिगेड’ का गठन उस नई युद्ध अवधारणा का प्रतीक है, जिसमें तकनीकी श्रेष्ठता, त्वरित कार्रवाई और संसाधनों का एकीकृत उपयोग — तीनों पर समान रूप से बल दिया जा रहा है।
इस कदम से न केवल सेना की ऑपरेशनल क्षमता बढ़ेगी, बल्कि यह भारत के रक्षा तंत्र में संरचनात्मक सुधारों की दिशा में एक अहम पड़ाव भी साबित होगा।





