पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तृणमूल छात्र परिषद के 27वें स्थापना दिवस पर आरजी कर अस्पताल बलात्कार-हत्या मामले को लेकर बड़े दावे किए। उन्होंने कहा कि हमने आज का दिन आरजी कर डॉक्टर को समर्पित किया है। हम न्याय चाहते हैं, लेकिन भाजपा ने आज बंद का आह्वान किया है। वे न्याय नहीं चाहते, वे केवल बंगाल को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। ममता ने कहा कि हम इस बंद का समर्थन नहीं करते। उन्होंने कहा कि आरजी कर महिला डॉक्टर दुष्कर्म-हत्या मामले की जांच सीबीआई कर रही है। 16 दिन से केंद्रीय जांच एजेंसी मामले की जांच कर रही है। कहां है न्याय? कहां तक पहुंची जांच? ममताने कहा कि ऐसे कृत्यों की केवल एक ही सजा है- फांसी पर लटकाना। अगले हफ्ते हम विधानसभा सत्र बुलाएंगे और दुष्कर्मियों के लिए मृत्युदंड सुनिश्चित करने के लिए 10 दिनों के भीतर एक विधेयक पारित करेंगे। हम इस विधेयक को राज्यपाल के पास भेजेंगे। अगर वह इसे पारित नहीं करते हैं, तो हम राजभवन के बाहर धरना देंगे। यह विधेयक पारित होना ही चाहिए और वह इस बार जवाबदेही से बच नहीं सकते।
ममता ने जनता से न्याय सुनिश्चित करने के लिए अदालत में भाजपा का मुकाबला करने की अपील की। उन्होंने कहा, मैं वकीलों से कहूंगी कि अदालत में भाजपा को मत छोड़ो। यह सुनिश्चित करें कि लोगों को अदालत में न्याय मिले। ममता ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, कि बंद क्यों? अगर बंद करना है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ करो, जो केवल एजेंसियों का इस्तेमाल कर लोगों पर अत्याचार करने के अलावा कुछ नहीं करते।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर टीएमसीपी की रैली को विफल करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज हमारे बच्चे जो रैली में आ रहे थे, उन्हें रोकने की कोशिश की गई। बंद बुलाकर ट्रेनों को रोका गया।
ऐसे कृत्यों की एक ही सजा- फांसी : ममता बनर्जी





