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एलपीजी की किल्लत होगी दूर, भारत ने अमेरिका से खरीदी 1,76,000 टन गैस; मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच भारत का बड़ा कदम

नई दिल्ली (21 मार्च, 2026): मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईंधन की वैश्विक किल्लत के बीच, भारत ने घरेलू रसोई गैस (LPG) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम उठाया है। देश ने अमेरिका से 1 लाख 76 हजार टन एलपीजी की खरीदारी की है, जिससे आगामी दिनों में देशवासियों को एलपीजी की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा और विविधीकरण की रणनीति का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम करना है।

मिडिल ईस्ट संकट और भारत की चिंता: वैकल्पिक आपूर्ति की तलाश

मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में जारी संघर्ष ने वैश्विक तेल और गैस बाजार को अस्थिर कर दिया है। यह क्षेत्र भारत के लिए एलपीजी का एक प्रमुख स्रोत रहा है, लेकिन तनाव के कारण आपूर्ति में रुकावट और देरी की आशंका बढ़ गई है।

  • आयात में गिरावट: एसएंडपी कमोडिटीज एट सी (CAS) की रिपोर्ट के अनुसार, 19 मार्च को समाप्त सप्ताह में भारत का साप्ताहिक एलपीजी आयात घटकर 2,65,000 टन रह गया, जो 5 मार्च को समाप्त सप्ताह में 3,22,000 टन था।
  • पश्चिम एशिया से प्रवाह कम: रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 19 मार्च को समाप्त सप्ताह में पश्चिम एशिया से एलपीजी का प्रवाह घटकर केवल 89,000 टन रह गया। यह जनवरी 2026 के बाद से इस क्षेत्र से होने वाला सबसे कम साप्ताहिक आयात है।

अमेरिका से आयात: भारत की रणनीति का हिस्सा

एलपीजी की घरेलू मांग को पूरा करने के लिए भारत सरकार और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने पश्चिम एशिया के बजाय अमेरिका और अन्य क्षेत्रों से आयात बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है:

  1. अमेरिका से वैकल्पिक आपूर्ति: CAS की रिपोर्ट के मुताबिक, 19 मार्च तक के सप्ताह में वैकल्पिक क्षेत्रीय आपूर्ति बढ़कर 1,76,000 टन हो गई। यह आपूर्ति मुख्य रूप से अमेरिका से थी, जिसने पश्चिम एशिया से हुए नुकसान की भरपाई करने में मदद की।
  2. भविष्य की योजना: रिपोर्ट में यह भी अनुमान लगाया गया है कि भारतीय तेल विपणन कंपनियां 2026 में अमेरिका से कुल 2.2 मिलियन टन एलपीजी का आयात कर सकती हैं। यह भारत की अमेरिका के साथ ऊर्जा साझेदारी को मजबूत करने और पश्चिम एशिया पर अपनी निर्भरता को कम करने की दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है।

एलपीजी की उपलब्धता और देशवासियों को राहत

अमेरिका से एलपीजी के आयात से देशवासियों को बड़ी राहत मिलेगी:

  • आपूर्ति सुनिश्चित: इस अतिरिक्त आयात से देश में एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और लोगों को रसोई गैस सिलेंडरों की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
  • मूल्य स्थिरता: वैश्विक बाजार में तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, आपूर्ति में विविधता लाने से भारत को घरेलू स्तर पर एलपीजी की कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिल सकती है।

ऊर्जा सुरक्षा: यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो देश को वैश्विक ऊर्जा संकटों का सामना करने के लिए बेहतर ढंग से तैयार करता है।

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