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एक ने एप दबाया, दूसरे ने लिंक खोला… खातों से 2.96 लाख साफ!

कहीं अनजान एप बना ठगी का दरवाजा, कहीं इंटरनेशनल चार्ज का डर दिखाकर क्रेडिट कार्ड खाली; काठगोदाम-बनभूलपुरा में साइबर ठगों के दो वार

हल्द्वानी। साइबर ठगों ने शहर में ठगी के दो नए हथकंडे आजमाकर दो लोगों के खातों और क्रेडिट कार्ड से लाखों रुपये साफ कर दिए। काठगोदाम में अनजान एप डाउनलोड करना युवक को भारी पड़ा तो बनभूलपुरा में इंटरनेशनल चार्ज का डर दिखाकर व्हाट्सएप लिंक खुलवाया गया। एक मामले में छह ट्रांजेक्शन में 1,37,896 रुपये, जबकि दूसरे में छह वार में 1,59,041 रुपये निकल गए। दोनों मामलों में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर साइबर सेल को जांच में लगाया है।

पहला वार : एप डाउनलोड किया और खाते से रकम उड़ने लगी

जवाहर ज्योति, दमुआढूंगा मल्लो प्लॉट निवासी गौरव ने पुलिस को बताया कि उसने मोबाइल पर एक एप डाउनलोड किया था। इसके बाद 18 सितंबर को यूके ग्रामीण बैंक खाते से 20 हजार रुपये निकल गए। इसके बाद भी रकम कटने का सिलसिला थमा नहीं।

शिकायत के अनुसार छह अलग-अलग ट्रांजेक्शन में कुल 1,37,896 रुपये खाते से निकल गए। पीड़ित ने सभी लेनदेन की यू टीआरआईडी भी पुलिस को उपलब्ध कराई है।

पीड़ित के मुताबिक घटना के दौरान वह राजस्थान चला गया था, जिसके कारण तत्काल शिकायत नहीं करा सका। 22 सितंबर को हल्द्वानी लौटने के बाद साइबर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। काठगोदाम पुलिस ने एक अक्टूबर को मुकदमा दर्ज कर जांच साइबर सेल को सौंप दी।

दूसरा वार : इंटरनेशनल चार्ज का डर… लिंक खुला और कार्ड साफ

बनभूलपुरा क्षेत्र में भी साइबर ठगों ने अलग अंदाज में जाल बिछाया। इंद्रानगर के सफदर का बगीचा निवासी शावेद खान के मोबाइल पर 28 सितंबर की शाम कॉल आई। कॉल करने वाले ने कथित तौर पर बताया कि उनके क्रेडिट कार्ड पर इंटरनेशनल चार्ज लगा हुआ है और इसे हटाने के लिए व्हाट्सएप पर लिंक भेजा जा रहा है।

पीड़ित ने लिंक खोल दिया। शिकायत के मुताबिक इसके बाद उनके एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड से छह बार में 1,59,041 रुपये निकल गए। रकम कटने के बाद पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। बाद में बनभूलपुरा कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया।

दो तरीके, एक ही निशाना—बैंकिंग डिटेल

दोनों घटनाओं में साइबर ठगों ने अलग-अलग तरीका अपनाया, लेकिन निशाना सीधे लोगों की बैंकिंग जानकारी और रकम रही। एक मामले में अनजान एप के जरिए तो दूसरे में इंटरनेशनल चार्ज का डर दिखाकर लिंक खुलवाने का आरोप है।

पुलिस दोनों मामलों में मोबाइल नंबर, एप और लिंक, बैंकिंग ट्रांजेक्शन, यूटीआर आईडी तथा रकम की निकासी से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के बाद ही सामने आएगा कि इन घटनाओं के पीछे स्थानीय स्तर पर कोई कड़ी है या साइबर ठगों का कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।

एक क्लिक… और खाते में सेंध

साइबर ठगी के इन मामलों ने फिर चेताया है कि अनजान एप डाउनलोड करना या बैंक-क्रेडिट कार्ड के नाम पर भेजे गए लिंक को खोलना कितना भारी पड़ सकता है। ‘चार्ज हटाने’, ‘खाता बंद होने’ या ‘वेरिफिकेशन’ जैसे बहानों से भेजे गए लिंक पर एक क्लिक भी बैंक खाते तक ठगों की पहुंच का रास्ता बन सकता है।

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