ज्योतिर्मठ। चमोली जिले की उर्गम घाटी में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच पांचवें केदार भगवान कल्पेश्वर महादेव मंदिर के पास भारी भूस्खलन हो गया। पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मलबा गिरने के बाद मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र प्रभावित हुआ है। भूस्खलन के चलते मंदिर तक श्रद्धालुओं की आवाजाही भी बाधित हो गई है।
बारिश के कारण पहाड़ी से लगातार मलबा आने की स्थिति बनी हुई है। मंदिर के आसपास मलबा जमा होने से श्रद्धालु फिलहाल दर्शन के लिए मंदिर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। मलबा हटाए जाने के बाद ही मंदिर तक आवागमन सुचारु होने की उम्मीद है।
प्रदेश में 91 सड़कें बंद
भारी बारिश का असर पूरे उत्तराखंड में देखने को मिल रहा है। भूस्खलन और अन्य कारणों से प्रदेश में दो राज्यमार्ग समेत कुल 91 सड़कें बंद हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार चमोली में 15 मार्ग बंद हैं। इसके अलावा अल्मोड़ा में पांच, बागेश्वर में 12, चंपावत में एक, देहरादून में सात, नैनीताल में 12, पौड़ी में पांच, पिथौरागढ़ में 11, रुद्रप्रयाग में सात तथा टिहरी और उत्तरकाशी में आठ-आठ मार्ग बंद हैं।
नदियों का जलस्तर भी बढ़ा
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में नदियों और गदेरों का जलस्तर बढ़ रहा है। ऐसे में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में आवाजाही लोगों के लिए जोखिम भरी बनी हुई है। प्रशासन की ओर से यात्रियों और स्थानीय लोगों को मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने तथा जोखिम वाले मार्गों पर जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।





