Saturday, February 14, 2026

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उत्तर भारत में मौसम का तांडव: पहाड़ों पर भारी हिमपात, यूपी-एमपी और पंजाब समेत 5 राज्यों में बारिश का अलर्ट; राजस्थान में 10 डिग्री लुढ़का पारा

नई दिल्ली/जयपुर: उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है, जिससे मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड और पहाड़ों पर बर्फ की चादर देखने को मिल रही है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के चलते पहाड़ों पर हो रही भारी बर्फबारी का सीधा असर मैदानी राज्यों में पड़ रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत 5 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, राजस्थान के कई जिलों में तापमान में 10 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

पहाड़ों पर कुदरत का सफेद श्रृंगार

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में पिछले 24 घंटों से लगातार बर्फबारी हो रही है।

  • बर्फ की मोटी चादर: केदारनाथ, बद्रीनाथ और औली में दो फीट तक बर्फ जम चुकी है।
  • पर्यटन में उछाल: बर्फबारी की खबर से सैलानियों के चेहरे खिल गए हैं और वे बड़ी संख्या में हिल स्टेशनों का रुख कर रहे हैं। हालांकि, भारी बर्फबारी के कारण कई संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं।

मैदानी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मैदानी राज्यों में चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

  • यूपी और पंजाब में अलर्ट: उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों और पंजाब के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) भी हो सकती है।
  • मध्य प्रदेश का हाल: एमपी के ग्वालियर और चंबल संभाग में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है, जिससे दिन के तापमान में भारी गिरावट आएगी।

राजस्थान में ‘कोल्ड टॉर्चर’: 10 डिग्री तक गिरा तापमान

राजस्थान में शीतलहर (Cold Wave) का कहर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। राज्य के फतेहपुर और माउंट आबू में पारा शून्य के करीब पहुँच गया है।

  1. अचानक गिरावट: उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण जयपुर, बीकानेर और चूरू में तापमान में 8 से 10 डिग्री तक की गिरावट आई है।
  2. घना कोहरा: सुबह के समय दृश्यता (Visibility) 50 मीटर से भी कम रह गई है, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई है।

खेती पर असर: किसानों की बढ़ी चिंता

बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि हल्की बारिश रबी की फसल (खासकर गेहूं) के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन ओलावृष्टि हुई तो सरसों और मटर की फसलों को भारी नुकसान पहुँच सकता है। कृषि विभाग ने किसानों को जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने की सलाह दी है।

स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी

तापमान में आए इस अचानक बदलाव को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों और बुजुर्गों को सावधान रहने को कहा है। कड़ाके की ठंड और बारिश के कारण ‘वायरल फीवर’ और सांस संबंधी समस्याओं के मामले बढ़ सकते हैं। प्रशासन ने नगर निगमों को प्रमुख चौराहों पर अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।

“अगले 48 घंटों तक उत्तर भारत में मौसम का यही मिजाज बना रहेगा। पहाड़ों पर बर्फबारी रुकने के बाद मैदानी इलाकों में शीतलहर और घने कोहरे का प्रकोप और अधिक बढ़ने की संभावना है।” — वरिष्ठ मौसम विज्ञानी, IMD

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