देहरादून।
उत्तराखंड सरकार द्वारा राज्य में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए बनाए गए स्टार्टअप वेंचर कैपिटल फंड में निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। राज्य सरकार को अब तक 30 से अधिक औपचारिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। ये आवेदन विभिन्न क्षेत्रों से आए हैं, जिनमें आईटी, पर्यटन, कृषि आधारित उद्योग, स्वास्थ्य सेवाएं और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े स्टार्टअप शामिल हैं।
युवा उद्यमियों को मिलेगा सहारा
राज्य सरकार ने इस वेंचर फंड को प्रदेश के युवाओं के लिए एक बड़े अवसर के रूप में प्रस्तुत किया है। इसका उद्देश्य ऐसे नवाचारों और विचारों को वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराना है, जो बाजार में टिकाऊ साबित हो सकें और रोजगार सृजन में योगदान दें। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती दौर में ही निवेशकों की ओर से जिस तरह की प्रतिक्रिया मिली है, वह उत्साहजनक है।
आर्थिक विकास की नई राह
उत्तराखंड स्टार्टअप काउंसिल से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हमें उम्मीद थी कि निवेशक इसमें रुचि दिखाएंगे, लेकिन इतनी तेजी से आवेदन मिलना संकेत है कि राज्य में उद्यमिता का माहौल बदल रहा है।” उनके अनुसार, इस फंड के जरिये न केवल नए विचारों को पूंजी मिलेगी बल्कि स्थानीय स्तर पर उद्योग स्थापित होंगे और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
पर्यटन और एग्रीटेक सबसे आगे
मिले हुए आवेदनों का विश्लेषण करने पर यह सामने आया है कि पर्यटन से जुड़े स्टार्टअप और एग्रीटेक (कृषि-तकनीक) वेंचर सबसे ज्यादा संख्या में हैं। राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए इन क्षेत्रों में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। इसके अलावा, हेल्थ टेक, नवीकरणीय ऊर्जा और ई-कॉमर्स जैसे सेक्टरों से भी निवेश प्रस्ताव आए हैं।
निवेशकों का भरोसा बढ़ा
विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य सरकार द्वारा निवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने से निजी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। साथ ही, कर रियायतें, अनुदान और इन्फ्रास्ट्रक्चर की सुविधा ने भी उनकी रुचि को बढ़ावा दिया है।
अगला चरण: चयन और वित्त पोषण
अब प्राप्त आवेदनों की गहन जांच की जाएगी। स्टार्टअप्स के बिजनेस मॉडल, व्यवहार्यता और रोजगार क्षमता को देखते हुए चयन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। चयनित स्टार्टअप्स को फंड से पूंजी मुहैया कराई जाएगी, ताकि वे अपने विचारों को जमीनी स्तर पर लागू कर सकें।




