देहरादून: उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने राज्य के युवाओं को उद्यमी बनाने और अर्थव्यवस्था को नई गति देने के लिए एक महात्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार ने आगामी 5 वर्षों के भीतर प्रदेश में 1000 नए स्टार्टअप स्थापित करने का रोडमैप तैयार किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों के प्रतिभावान युवाओं को ‘रोजगार मांगने वाले’ के बजाय ‘रोजगार देने वाला’ बनाना है। इस योजना के तहत सरकार स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता, मेंटरशिप और बेहतर बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराएगी।
‘स्टार्टअप नीति’ के तहत मिलेगी भारी छूट और सहायता
युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने अपनी स्टार्टअप नीति को और अधिक सरल और आकर्षक बनाया है:
- सीड फंडिंग (Seed Funding): नए विचारों पर काम करने वाले युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए सरकार शुरुआती पूंजी के रूप में वित्तीय मदद प्रदान करेगी।
- इंक्यूबेशन सेंटर्स का विस्तार: राज्य के प्रमुख शिक्षण संस्थानों और शहरों में इंक्यूबेशन सेंटर खोले जाएंगे, जहां विशेषज्ञों द्वारा युवाओं को व्यापार मॉडल तैयार करने और तकनीकी बारीकियों को समझने में मदद मिलेगी।
- पंजीकरण में आसानी: स्टार्टअप्स के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम लागू किया गया है, ताकि युवाओं को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
पहाड़ी क्षेत्रों और महिला उद्यमियों पर विशेष फोकस
सरकार के इस 1000 स्टार्टअप के लक्ष्य में क्षेत्रीय संतुलन और महिला सशक्तिकरण का विशेष ध्यान रखा गया है:
- रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा: पहाड़ी जिलों में कृषि, बागवानी, और पर्यटन पर आधारित स्टार्टअप्स को विशेष रियायतें दी जाएंगी, ताकि युवा गांवों की ओर लौटें और वहां स्वरोजगार पैदा करें।
- महिला उद्यमियों के लिए विशेष कोटा: स्टार्टअप नीति में महिला उद्यमियों के लिए अलग से प्रोत्साहन राशि और ऋण योजनाओं का प्रावधान किया गया है, ताकि महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
- सेक्टर-विशिष्ट लक्ष्य: आईटी, स्वास्थ्य सेवा, आयुष, ऑर्गेनिक फार्मिंग और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है।
देश के ‘स्टार्टअप हब’ के रूप में उभरेगा उत्तराखंड
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि उत्तराखंड में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्होंने विश्वास जताया कि:
- रोजगार सृजन: इन 1000 स्टार्टअप्स के माध्यम से राज्य में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा।
- निवेश को प्रोत्साहन: स्टार्टअप ईकोसिस्टम मजबूत होने से देश-विदेश के बड़े निवेशक भी उत्तराखंड की ओर आकर्षित होंगे।
- आर्थिक विकास: इससे राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।





