भराड़ीसैंण (13 मार्च, 2026): उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राजनीतिक तापमान गरमा गया। प्रदेश में रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति में हो रही बाधा और भारी किल्लत के मुद्दे पर विपक्षी दल कांग्रेस ने आक्रामक रुख अपनाते हुए सदन के भीतर और बाहर सरकार को जमकर घेरा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मंत्रिमंडल के सदस्यों की मौजूदगी में सदन की कार्यवाही तो शुरू हुई, लेकिन विपक्ष के तीखे तेवरों के कारण सुचारू संचालन में भारी बाधा आई।
विधानसभा की सीढ़ियों पर ‘गैस सिलेंडर’ धरना
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही कांग्रेस विधायकों ने अपने इरादे साफ कर दिए थे:
- सीढ़ियों पर प्रदर्शन: मुख्य द्वार की सीढ़ियों पर विपक्षी विधायक बैठ गए और सरकार विरोधी नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों तक आम जनता को रसोई गैस के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
- लगातार दूसरे दिन हंगामा: गौरतलब है कि बीते कल यानी बृहस्पतिवार (सत्र के चौथे दिन) को भी सदन में एलपीजी आपूर्ति का मुद्दा गूंजा था। आज कांग्रेसियों ने इसे और प्रखरता से उठाते हुए सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया।
सदन के भीतर तल्खी और वॉकआउट
जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तो विपक्ष ने सरकार से एलपीजी आपूर्ति सुचारू करने के लिए ठोस समयसीमा की मांग की:
- जवाब से असंतोष: सरकार की ओर से विभागीय मंत्रियों ने व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया, लेकिन विपक्ष ने इसे ‘घिसा-पिटा जवाब’ करार दिया।
- वॉकआउट की स्थिति: विपक्ष के नेताओं ने कहा कि जब जनता के चूल्हे ठंडे पड़े हैं, तो सरकार बजट के बड़े-बड़े आंकड़ों में उलझा रही है। सरकार के उत्तर से असंतुष्ट होकर कांग्रेस के तमाम विधायक नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर निकल गए।
- सरकारी पक्ष का तर्क: मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार हर समस्या के समाधान के लिए तत्पर है और विपक्ष केवल चर्चा से भागने के लिए वॉकआउट का बहाना बना रहा है।
महत्वपूर्ण सत्र और सुरक्षा के इंतजाम
हंगामे के बावजूद सदन में ₹1.11 लाख करोड़ के बजट को पारित करने की विधायी प्रक्रिया जारी रही:
- सीएम और मंत्री मुस्तैद: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सत्र में भाग लेते हुए स्पष्ट किया कि उनकी सरकार जनहित के हर मुद्दे पर जवाबदेह है।
- भारी सुरक्षा बल: गैरसैंण की कड़ाके की ठंड और राजनीतिक विरोध को देखते हुए विधानसभा परिसर के चारों ओर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि कार्यवाही के दौरान कोई अप्रिय स्थिति न बने।





