देहरादून। उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग ने चुनावी व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए बिहार से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) मंगानी शुरू कर दी हैं। राज्य में चुनावी प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए मशीनों की जांच और रखरखाव की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। ईवीएम के पहुंचने के बाद उनकी प्रथम स्तरीय जांच (FLC) कराई जाएगी, जिसमें मशीनों की तकनीकी स्थिति, कार्यक्षमता और सुरक्षा मानकों की जांच की जाती है।
राज्य में विधानसभा चुनाव 2027 में प्रस्तावित हैं, जिसमें 70 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होना है। चुनाव आयोग की तैयारियों में ईवीएम प्रबंधन के साथ-साथ मतदाता सूची के पुनरीक्षण, मतदान केंद्रों की व्यवस्था और चुनाव कर्मियों की तैयारियां भी शामिल हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, ईवीएम की जांच प्रक्रिया राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में कराई जाती है, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे। जांच के दौरान खराब पाई जाने वाली मशीनों को अलग किया जाता है और केवल सही मशीनों को ही चुनाव प्रक्रिया में शामिल किया जाता है।
उत्तराखंड में चुनावी तैयारियों को लेकर राजनीतिक दल भी सक्रिय हो चुके हैं। भाजपा और कांग्रेस समेत अन्य दलों ने संगठन स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं और आगामी चुनाव को लेकर रणनीति बनाने में जुटे हैं।
चुनाव आयोग का लक्ष्य है कि मतदान प्रक्रिया में किसी भी तरह की तकनीकी समस्या न आए और मतदाताओं को निष्पक्ष एवं सुरक्षित मतदान का अवसर मिले। इसके लिए समय रहते ईवीएम समेत सभी चुनावी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।





