Wednesday, March 4, 2026

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उत्तराखंड में ‘होम प्रवेश’ की तैयारी: 12 हजार से अधिक पीएम आवास बनकर तैयार; लाभार्थियों को जल्द सौंपी जाएगी सपनों के घर की चाबी

देहरादून/राज्य ब्यूरो: उत्तराखंड के हजारों निर्धन और बेघर परिवारों का अपना घर होने का सपना अब हकीकत में बदलने जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी और ग्रामीण) के तहत प्रदेश भर में निर्माणाधीन 12,000 से अधिक आवास बनकर लगभग तैयार हो चुके हैं। शासन स्तर से मिली जानकारी के अनुसार, इन घरों में फिनिशिंग और बिजली-पानी के कनेक्शन का काम अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आगामी कुछ सप्ताह के भीतर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित कर लाभार्थियों को उनके घरों का कब्जा और चाबियाँ सौंप दी जाएं।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं और प्रगति

राज्य के विभिन्न जिलों में चल रहे निर्माण कार्यों की रिपोर्ट के अनुसार:

  • गुणवत्ता पर जोर: इन आवासों का निर्माण आधुनिक भूकंपरोधी तकनीक से किया गया है। हर घर में शौचालय, रसोई और दो कमरों की बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।
  • बुनियादी ढांचा: कॉलोनी स्तर पर बन रहे इन आवासों में सड़कों, स्ट्रीट लाइट और जल निकासी (Drainage) की भी उचित व्यवस्था की गई है।
  • समयसीमा का पालन: कोरोना और भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद, आवास विभाग ने मिशन मोड में काम करते हुए इन घरों को लक्ष्य के अनुसार पूरा किया है।

किन जिलों को मिलेगा सबसे ज्यादा लाभ?

योजना के तहत मैदानी और पहाड़ी, दोनों क्षेत्रों में तेजी से काम हुआ है:

  1. मैदानी जिले: ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार और देहरादून के शहरी इलाकों में सबसे अधिक संख्या में आवास बनकर तैयार हुए हैं।
  2. पहाड़ी क्षेत्र: नैनीताल, अल्मोड़ा और पौड़ी जैसे जिलों में भी दुर्गम भौगोलिक स्थितियों के बीच लाभार्थियों के घरों का काम पूरा कर लिया गया है।
  3. महिला सशक्तिकरण: सरकार की नीति के अनुसार, अधिकांश घरों का मालिकाना हक घर की महिलाओं के नाम पर या संयुक्त रूप से दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री का विजन: ‘सरल जीवन, खुशहाल उत्तराखंड’

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा:

“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में हम राज्य के हर पात्र व्यक्ति को छत देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 12 हजार घरों का तैयार होना हमारी कार्यक्षमता का प्रमाण है। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी गरीब परिवार कच्चे मकान या झोपड़ी में रहने को मजबूर न हो।”

अगला कदम: चाबियों का वितरण

प्रशासन अब लाभार्थियों की अंतिम सूची का मिलान कर रहा है। जल्द ही जिला स्तर पर कैंप लगाकर आवंटन पत्र वितरित किए जाएंगे। सरकार की योजना है कि आगामी गणतंत्र दिवस या किसी महत्वपूर्ण राजकीय उत्सव के अवसर पर सामूहिक गृह-प्रवेश कार्यक्रम आयोजित किया जाए।

निष्कर्ष: सामाजिक सुरक्षा की ओर बड़ा कदम

प्रधानमंत्री आवास योजना न केवल एक निर्माण कार्य है, बल्कि यह गरीब तबके को सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने का जरिया है। 12 हजार नए घरों के जुड़ने से राज्य के ग्रामीण और शहरी परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

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