Thursday, March 5, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

उत्तराखंड में ‘वाइट अलर्ट’: अगले 24 घंटे हिमालयी क्षेत्रों में जाने पर पाबंदी; उत्तरकाशी और चमोली में मंडराया हिमस्खलन का खतरा

देहरादून/उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बर्फबारी के बाद अब हिमस्खलन (Avalanche) का बड़ा खतरा पैदा हो गया है। मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग ने संयुक्त रूप से अगले 24 घंटों के लिए चेतावनी जारी करते हुए पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है। विशेष रूप से उत्तरकाशी और चमोली जिलों के संवेदनशील इलाकों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है, जहाँ भारी हिमपात के बाद बर्फ की अस्थिर परतों के खिसकने की प्रबल संभावना है।

दो जिलों पर सबसे अधिक खतरा

रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान (DGRE) और मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, दो जिले ‘हाई रिस्क ज़ोन’ में हैं:

  • उत्तरकाशी: गंगोत्री नेशनल पार्क के ऊपरी हिस्से और नेलांग घाटी के आसपास हिमस्खलन की चेतावनी दी गई है।
  • चमोली: बद्रीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब और नीती-माना घाटी के ढलानों पर बर्फ का भारी दबाव बना हुआ है, जो कभी भी नीचे गिर सकता है।

प्रशासन की सख्त हिदायत: “अनावश्यक यात्रा से बचें”

राज्य सरकार ने संबंधित जिलाधिकारियों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

  1. ट्रैकिंग पर रोक: ऊंचाई वाले स्थानों पर जाने वाले सभी ट्रेकिंग रूटों को अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है। जो ट्रेकर्स पहले से ऊपर हैं, उन्हें सुरक्षित बेस कैंपों में लौटने को कहा गया है।
  2. बीआरओ और पुलिस तैनात: सीमा सड़क संगठन (BRO) को संवेदनशील सड़कों पर तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत रास्ता खोला जा सके। पुलिस ने जगह-जगह चेकपोस्ट बनाकर वाहनों को जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से रोक दिया है।

क्यों पैदा हुआ एवलांच का खतरा?

विशेषज्ञों के अनुसार, जब पुरानी जमी हुई बर्फ के ऊपर ताजी और भारी बर्फबारी होती है, तो परतों के बीच पकड़ कमजोर हो जाती है।

  • तापमान में उतार-चढ़ाव: दिन में हल्की धूप खिलने से बर्फ की ऊपरी परत पिघलकर फिसलने लगती है, जिससे ‘स्नो स्लाइड’ या बड़ा एवलांच आने का खतरा बढ़ जाता है।
  • तेज हवाएं: हिमालयी क्षेत्रों में चल रही बर्फीली हवाएं (Blizzards) बर्फ के टीलों को अस्थिर कर रही हैं।

निचले इलाकों में पाला और शीतलहर

हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी का असर मैदानी और निचले पहाड़ी इलाकों में भी दिख रहा है।

  • भीषण ठंड: देहरादून, मसूरी और नैनीताल में न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
  • पाले का कहर: सुबह के समय सड़कों पर पाला जमने से गाड़ियां फिसलने का डर बना हुआ है, जिसके लिए ड्राइवरों को ‘लो गियर’ में चलने की सलाह दी गई है।

पर्यटकों के लिए विशेष दिशा-निर्देश

  • ऊंचे ढलानों के नीचे वाहन पार्क न करें।
  • स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।
  • आपात स्थिति में राज्य आपदा कंट्रोल रूम के नंबर 1070 या 9557444486 पर तुरंत संपर्क करें।

“सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। अगले 24 से 48 घंटे हिमालयी क्षेत्रों के लिए बेहद संवेदनशील हैं। हम पर्यटकों से अपील करते हैं कि वे केवल सुरक्षित और चिन्हित पर्यटन स्थलों तक ही सीमित रहें और ग्लेशियर वाले इलाकों की ओर रुख न करें।” — विनीत कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण

Popular Articles