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उत्तराखंड में बिजली का बड़ा संकट: अदाणी पावर प्लांट में शटडाउन से 350 मेगावाट आपूर्ति ठप; उद्योगों में रोस्टरिंग शुरू

देहरादून: उत्तराखंड में गर्मी की दस्तक के साथ ही बिजली आपूर्ति को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। छत्तीसगढ़ स्थित अदाणी पावर प्लांट (रायगढ़) में अचानक तकनीकी कारणों से आए ‘शटडाउन’ की वजह से उत्तराखंड को मिलने वाली 350 मेगावाट बिजली की आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई है। राज्य के कोटे में आई इस भारी गिरावट ने ऊर्जा निगम (UPCL) की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इसके परिणामस्वरूप, प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली कटौती (रोस्टरिंग) शुरू कर दी गई है, जिसका सीधा असर उत्पादन और अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।

अदाणी प्लांट में तकनीकी खराबी: 350 मेगावाट का झटका

रायगढ़ स्थित अदाणी पावर प्लांट से उत्तराखंड को एक बड़े हिस्से की आपूर्ति होती है, लेकिन शटडाउन ने पूरी व्यवस्था को पटरी से उतार दिया है:

  • अचानक आई कमी: प्लांट में शटडाउन के कारण राज्य को मिलने वाली बिजली का एक बड़ा स्रोत अचानक बंद हो गया, जिससे मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर बहुत बढ़ गया है।
  • गर्मी का दबाव: मार्च के महीने में बढ़ते तापमान के कारण पहले ही बिजली की मांग 45 से 50 मिलियन यूनिट के पार पहुँच रही है, ऐसे में 350 मेगावाट की कमी ने संकट को ‘इमरजेंसी’ जैसे हालात में पहुँचा दिया है।

उद्योगों पर गिरी गाज: घंटों तक ठप रहेगा काम

बिजली की कमी को पूरा करने के लिए ऊर्जा निगम ने सबसे पहले औद्योगिक क्षेत्रों पर रोस्टरिंग लागू की है:

  1. औद्योगिक इकाइयों में कटौती: सिडकुल (SIDCUL), हरिद्वार, पंतनगर और सेलाकुई जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में कई घंटों की बिजली कटौती शुरू कर दी गई है।
  2. उत्पादन प्रभावित: लगातार हो रही कटौती के कारण फैक्ट्रियों में उत्पादन चक्र प्रभावित हो रहा है। उद्यमियों का कहना है कि अचानक हुई इस कटौती से मशीनों को नुकसान पहुँच रहा है और श्रमिकों का काम रुक गया है।
  3. महंगे विकल्प: बिजली न होने के कारण उद्योगों को अब महंगे डीजल जनरेटरों (DG Sets) का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उनकी परिचालन लागत में भारी वृद्धि हो गई है।

ऊर्जा निगम की तैयारी: बाजार से महंगी बिजली खरीदने की कवायद

इस संकट से निपटने के लिए उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) अब वैकल्पिक रास्तों की तलाश कर रहा है:

  • एक्सचेंज से खरीद: ऊर्जा निगम अब एनर्जी एक्सचेंज (IEX) से महंगी दरों पर बिजली खरीदने की कोशिश कर रहा है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं और अस्पतालों जैसी आवश्यक सेवाओं को कटौती से बचाया जा सके।
  • शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों पर नजर: वर्तमान में प्राथमिकता उद्योगों पर कटौती की है, लेकिन यदि अदाणी प्लांट जल्द शुरू नहीं हुआ, तो शहरी और ग्रामीण आवासीय क्षेत्रों में भी रोस्टरिंग की नौबत आ सकती है।

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