देहरादून/उत्तराखंड। प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने की घटनाओं के चलते कई महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़कें बाधित हो गई हैं। सबसे अधिक असर चमोली जिले में देखने को मिला है, जहां सड़क संपर्क व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बारिश के कारण कुल 34 ग्रामीण सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं। इनमें से अधिकतर मार्ग पहाड़ी ढलानों पर मलबा गिरने और जगह-जगह सड़क धंसने के कारण अवरुद्ध हुए हैं। कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
चमोली जिले में स्थिति सबसे गंभीर बनी हुई है। यहां कई स्थानों पर लगातार भूस्खलन हो रहा है, जिससे सड़क खोलने के प्रयास बार-बार बाधित हो रहे हैं। प्रशासन ने संबंधित विभागों को युद्धस्तर पर मार्ग खोलने के निर्देश दिए हैं, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्यों में बाधा डाल रही है।
अन्य प्रभावित जिलों में भी छोटी-बड़ी सड़कें बंद होने से आवाजाही प्रभावित हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में दिक्कतें बढ़ गई हैं। कई स्थानों पर स्थानीय लोग पैदल ही जोखिम उठाकर आवागमन करने को मजबूर हैं।
लोक निर्माण विभाग (PWD) और आपदा प्रबंधन दल मशीनों की मदद से मलबा हटाने में जुटे हैं। प्रशासन का कहना है कि मौसम में सुधार होते ही सड़कें जल्द से जल्द बहाल करने का प्रयास किया जाएगा।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सावधानी बरतने की अपील की है।
फिलहाल, बारिश और भूस्खलन ने पहाड़ी इलाकों में सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, और राहत कार्य लगातार जारी हैं।





