Top 5 This Week

Related Posts

उत्तराखंड: मसूरी नगर पालिका कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, सीएम आवास समेत कई सरकारी प्रतिष्ठान निशाने पर

देहरादून/मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में उस समय हड़कंप मच गया जब नगर पालिका परिषद और स्थानीय प्रशासन को एक धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ। इस ई-मेल में मसूरी नगर पालिका कार्यालय समेत उत्तराखंड के मुख्यमंत्री आवास और कई अन्य महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों को बम से उड़ाने की बात कही गई है।

इस घटना के बाद से ही उत्तराखंड पुलिस, साइबर सेल और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई हैं।

खालिस्तान के नाम से आया धमकी भरा मेल

  • संदिग्ध ई-मेल: जानकारी के अनुसार, नगर पालिका परिषद मसूरी और उपजिलाधिकारी (SDM) कार्यालय के आधिकारिक ई-मेल पते पर यह संदिग्ध मेल प्राप्त हुआ है।
  • संगठन का नाम: शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह ई-मेल कथित रूप से ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ के नाम से भेजा गया है, जिसमें बेहद आपत्तिजनक और उकसाऊ भाषा का इस्तेमाल किया गया है।
  • तारीख और समय का जिक्र: धमकी भरे इस संदेश में धमाके करने के लिए कुछ विशिष्ट स्थानों के साथ-साथ समय और तारीखों का भी उल्लेख किया गया है।

वीआईपी और धार्मिक स्थल भी निशाने पर

इस धमकी भरे ई-मेल में न सिर्फ मसूरी नगर पालिका अध्यक्ष के कार्यालय को निशाना बनाने की बात कही गई है, बल्कि इसके तार देहरादून से लेकर दिल्ली तक जुड़े हैं।

  • प्रमुख हस्तियां और स्थान: मेल में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आवास, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली के कई सरकारी प्रतिष्ठानों का जिक्र है।
  • धार्मिक स्थल और रेलवे स्टेशन: इसके अलावा उत्तराखंड के कुछ प्रमुख धार्मिक स्थलों, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और रेलवे स्टेशनों को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है।

जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां, बढ़ाई गई सुरक्षा

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आ गया है।

  • सतर्कता और निगरानी: मसूरी के कोतवाल देवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। नगर पालिका परिसर और अन्य महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील स्थलों पर पुलिस की सतर्कता और निगरानी बढ़ा दी गई है।
  • तकनीकी जांच जारी: पुलिस की साइबर सेल और खुफिया एजेंसियां इस ई-मेल की सत्यता की जांच कर रही हैं। इसके लिए आईपी एड्रेस (IP Address) ट्रैकिंग, सर्वर डिटेल्स और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का गहराई से विश्लेषण किया जा रहा है ताकि मेल भेजने वाले के वास्तविक स्रोत का पता लगाया जा सके।

Popular Articles