Saturday, January 31, 2026

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उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2026: प्रदेश भर में बनाए गए 1261 केंद्र; नकल रोकने को संवेदनशील केंद्रों पर ‘सुपर ऑब्जर्वर’ का कड़ा पहरा

देहरादून: उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए अपनी कमर कस ली है। शिक्षा विभाग ने प्रदेश भर में कुल 1261 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए हैं। परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस बार विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नकल के लिहाज से चिह्नित किए गए संवेदनशील और अति-संवेदनशील केंद्रों पर बाह्य पर्यवेक्षकों (एक्सटर्नल ऑब्जर्वर्स) की तैनाती की जाएगी, जो पूरी परीक्षा प्रक्रिया की सीधी निगरानी करेंगे।

केंद्रों का वर्गीकरण: 40 से अधिक केंद्र अति-संवेदनशील

परिषद ने भौगोलिक परिस्थितियों और पिछले रिकॉर्ड के आधार पर केंद्रों का चयन किया है:

  • कुल केंद्र: 1261 केंद्रों पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के लाखों परीक्षार्थी शामिल होंगे।
  • अति-संवेदनशील केंद्र: राज्य के विभिन्न जिलों में लगभग 40 से अधिक केंद्रों को ‘अति-संवेदनशील’ की श्रेणी में रखा गया है। इन केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ सशस्त्र पुलिस बल की मौजूदगी रहेगी।
  • संवेदनशील केंद्र: लगभग 90 केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है, जहाँ सचल दलों (फ्लाइंग स्क्वाड) की गश्त सामान्य से अधिक होगी।

नकल विहीन परीक्षा: त्रिस्तरीय निगरानी प्रणाली

परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए विभाग ने तीन स्तरों पर सुरक्षा चक्र तैयार किया है:

  1. पर्यवेक्षकों की नियुक्ति: संवेदनशील केंद्रों पर तैनात पर्यवेक्षक सीधे जिला शिक्षा अधिकारी को रिपोर्ट करेंगे। वे प्रश्नपत्रों के पैकेट खोलने से लेकर कॉपियों के सीलिंग तक मौजूद रहेंगे।
  2. सचल दल (Flying Squads): ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर विशेष उड़नदस्तों का गठन किया गया है, जो अचानक केंद्रों का निरीक्षण करेंगे।
  3. कंट्रोल रूम: मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में 24 घंटे चलने वाले कंट्रोल रूम स्थापित किए जा रहे हैं, जो सीधे परीक्षा केंद्रों के संपर्क में रहेंगे।

परीक्षार्थियों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा कक्ष के भीतर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच या किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित होगा।

  • प्रवेश पत्र: विभाग जल्द ही बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रवेश पत्र (Admit Cards) अपलोड कर देगा। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपने स्कूल से संपर्क कर इन्हें प्राप्त करें।
  • रिपोर्टिंग टाइम: छात्रों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा।

पहाड़ी क्षेत्रों के लिए विशेष व्यवस्था

चूंकि उत्तराखंड के कई केंद्र अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में हैं, इसलिए बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति से निपटने के लिए भी बैकअप प्लान तैयार किया गया है।

  • प्रश्नपत्रों की सुरक्षा: दूरस्थ क्षेत्रों के थानों और चौकियों में प्रश्नपत्रों को सुरक्षित रखने के लिए डबल-लॉक अलमारी की व्यवस्था की गई है।
  • आपातकालीन परिवहन: यदि मौसम बिगड़ा, तो उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे जिलों के लिए विशेष वाहन तैनात रहेंगे।

“हमारा मुख्य उद्देश्य बच्चों को तनावमुक्त वातावरण में परीक्षा दिलाने का है, लेकिन अनुशासन के साथ कोई समझौता नहीं होगा। 1261 केंद्रों पर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं ताकि मेधावी छात्रों के साथ कोई अन्याय न हो।” — सचिव, उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद

अगले कदम: क्या होगा आगे?

शिक्षा परिषद अगले सप्ताह सभी केंद्र प्रभारियों की बैठक बुलाएगा, जिसमें परीक्षा संचालन के विस्तृत दिशा-निर्देश साझा किए जाएंगे। शिक्षकों की ड्यूटी और मूल्यांकन केंद्रों की सूची भी अंतिम चरण में है।

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