भराड़ीसैंण (गैरसैंण): उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में आज बजट सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही काफी गहमागहमी भरी रही। पांच दिवसीय सत्र के इस महत्वपूर्ण दिन पर न केवल जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा गया, बल्कि विधायी कार्यों को गति देते हुए सदन में 11 महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश किए गए।
प्रश्नकाल में दिखा विपक्ष का कड़ा रुख
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली:
- सवालों की बौछार: विधायकों ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसे मूलभूत ढांचों से जुड़े सवाल उठाए।
- स्थानीय मुद्दे: पर्वतीय क्षेत्रों में जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक और पलायन की समस्या पर विधायकों ने सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा।
- सरकार का बचाव: मंत्रियों ने अपनी विभागीय उपलब्धियों का ब्यौरा देते हुए आश्वासन दिया कि लंबित योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
विधायी कार्य: 11 विधेयकों और अध्यादेशों की प्रस्तुति
आज का दिन विधायी कार्यों के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। सरकार ने विभिन्न विभागों से संबंधित 11 विधेयक और अध्यादेश सदन के पटल पर रखे:
- अध्यादेशों को मंजूरी: सरकार ने पिछले कुछ महीनों में जारी किए गए महत्वपूर्ण अध्यादेशों को अब कानून की शक्ल देने के लिए सदन में पेश किया।
- समान नागरिक संहिता (UCC) पर चर्चा: इन विधेयकों में समान नागरिक संहिता से जुड़े महत्वपूर्ण संशोधनों और अन्य प्रशासनिक सुधारों से संबंधित बिल शामिल हैं।
- अगला चरण: इन विधेयकों पर अब सदन में विस्तृत चर्चा की जाएगी, जिसके बाद इन्हें पारित करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
बजट सत्र का मुख्य आकर्षण
- गैरसैंण का महत्व: ग्रीष्मकालीन राजधानी में सत्र का आयोजन पहाड़ी क्षेत्रों के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।
- पांच दिवसीय रणनीति: सत्र की अवधि कम होने के कारण सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक विधायी कार्यों को निपटाया जाए, जबकि विपक्ष चर्चा के लिए और अधिक समय की मांग कर रहा है।





