Friday, February 6, 2026

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उत्तराखंड-नेपाल सीमा पर पसरा मातम: बारात की बस गहरी खाई में गिरी, 13 लोगों की दर्दनाक मौत; राहत एवं बचाव कार्य में जुटी सेना और पुलिस

पिथौरागढ़/महेंद्रनगर: भारत-नेपाल सीमा के पास एक हृदयविदारक सड़क हादसे में खुशियां मातम में बदल गईं। एक बारातियों से भरी बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी, जिससे 13 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले से सटे सीमावर्ती इलाके में हुआ, जहाँ बस तंग पहाड़ी रास्ते से गुजर रही थी। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही सीमा पर तैनात सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन दुर्गम भौगोलिक स्थिति और अंधेरे के कारण राहत कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

हादसे का विवरण: अनियंत्रित होकर 500 फीट नीचे गिरी बस

प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जांच के अनुसार, दुर्घटना का मंजर बेहद खौफनाक था:

  • मोड़ पर खोया संतुलन: बताया जा रहा है कि तीखे मोड़ पर बस के चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद बस सड़क से फिसलकर करीब 500 फीट गहरी खाई में जा गिरी।
  • चीख-पुकार से दहला इलाका: बस के गिरते ही आसपास के गांवों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोग सबसे पहले मौके पर पहुँचे और पुलिस को सूचित किया।
  • बारात की बस: जानकारी के अनुसार, यह बस एक विवाह समारोह से लौट रही थी, जिसमें क्षमता से अधिक लोग सवार होने की भी आशंका जताई जा रही है।

राहत एवं बचाव अभियान (Rescue Operation)

हादसे की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीमें सक्रिय हो गईं:

  1. संयुक्त रेस्क्यू: चूंकि हादसा सीमावर्ती क्षेत्र में हुआ, इसलिए भारतीय सुरक्षा बलों (SSB) और नेपाल सशस्त्र प्रहरी बल ने मिलकर बचाव कार्य चलाया।
  2. घायलों की स्थिति: मलबे से सुरक्षित निकाले गए घायल बारातियों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई घायलों की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए बड़े केंद्रों में रेफर किया जा रहा है।
  3. शवों की बरामदगी: खाई गहरी होने के कारण शवों को बाहर निकालने के लिए रस्सियों और क्रेन की मदद ली गई। पुलिस अब मृतकों की शिनाख्त कर उनके परिजनों को सूचित करने की प्रक्रिया में जुटी है।

हादसे के संभावित कारण

पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। हादसे के पीछे मुख्य रूप से तीन संभावित कारण माने जा रहे हैं:

  • खराब दृश्यता या कोहरा: सीमावर्ती पहाड़ी इलाकों में अचानक छाने वाले कोहरे के कारण चालक को सड़क का अंदाजा नहीं मिल पाया होगा।
  • यांत्रिक खराबी: ब्रेक फेल होना या स्टयरिंग जाम होना भी इस भीषण दुर्घटना की वजह हो सकता है।
  • सड़क की बदहाली: सीमावर्ती क्षेत्रों में हालिया बारिश के कारण सड़कें फिसलन भरी और खतरनाक हो गई हैं।

नेपाल और भारत के अधिकारियों ने जताया दुख

इस भीषण दुर्घटना पर दोनों देशों के स्थानीय प्रशासन ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी घटना पर नजर बनाए रखी है और पिथौरागढ़ जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि यदि घायलों को भारतीय अस्पतालों में इलाज की आवश्यकता हो, तो उन्हें हर संभव मदद मुहैया कराई जाए।

“यह एक अत्यंत दुखद घटना है। बारात की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं। हमारी प्राथमिकता सभी घायलों को सर्वोत्तम उपचार प्रदान करना और पीड़ितों के परिवारों को सहायता पहुँचाना है।” — प्रशासनिक अधिकारी

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