देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नकल माफियाओं को लेकर बुधवार को तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सख्त नकलरोधी कानून लागू करने के बाद अब तक 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा गया है। इसके बावजूद कोचिंग संस्थानों और नकल माफियाओं का गठजोड़ प्रदेश में नकल जेहाद छेड़ने की कोशिश कर रहा है। लेकिन सरकार ऐसे लोगों को जड़ से खत्म करने तक चैन से नहीं बैठेगी।
भाजपा के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पिछले साढ़े चार वर्षों में 25 हजार से अधिक युवाओं को ईमानदारी से सरकारी नौकरियां मिलीं। यह तभी संभव हुआ जब नकल माफियाओं की कमर तोड़ी गई।
सीएम धामी ने कहा कि नकल माफिया और उनसे जुड़े कुछ लोग अब भी युवाओं को अंधकार में धकेलने की साजिश रच रहे हैं। लेकिन सरकार युवाओं के साथ खड़ी है और उनके भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने दोहराया कि “नकल जेहाद” में शामिल किसी भी व्यक्ति को कानून के शिकंजे से बचने नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड सरकार की प्राथमिकता पारदर्शी भर्ती प्रणाली है। इसके लिए तकनीकी साधनों से निगरानी और सख्त कानून व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि “नकल माफिया चाहे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, उन्हें जेल की सलाखों के पीछे ही जगह मिलेगी।”





